एक्सप्लोरर

गर्मियों में घर बैठे खाएं ताजे फल, अपने किचन गार्डन में लगाएं ये 5 पौधे

Kitchen Gardening Tips: गर्मियों की तपती धूप में अपने किचन गार्डन से ताजे और रसीले फल तोड़ने का मजा ही कुछ और है. इन 5 खास पौधों को लगाकर आप घर बैठे बिना किसी मिलावट के शुद्ध स्वाद पा सकते हैं.

Kitchen Gardening Tips: तपती गर्मी के इस मौसम में अगर आपको अपने घर के गार्डन या बालकनी से ही ताजे और रसीले फल मिल जाएं. तो इससे बेहतर और क्या होगा. आजकल लोग बाजार के केमिकल वाले फलों से बचने के लिए खुद फल उगाना पसंद कर रहे हैं. 

अपने किचन गार्डन में सही पौधों का चुनाव करके आप न केवल ऑर्गेनिक स्वाद पा सकते हैं, बल्कि अपने घर को भी कूल लुक दे सकते हैं. थोड़ी सी मेहनत और सही केयर के साथ ये पौधे आपको बंपर पैदावार देंगे. जान लीजिए पूरा तरीका.

 आम का पौधा

आम के बिना गर्मियों का मजा अधूरा है और अब आप इसे आसानी से अपने घर के गार्डन में उगा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि अगर जगह कम है. तो आम की ग्राफ्टेड या आम्रपाली जैसी बौनी किस्मों को चुनें जिन्हें बड़े गमलों में भी लगाया जा सकता है. 

इन्हें भरपूर धूप और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की जरूरत होती है. समय-समय पर सही खाद और पानी देने से ये पौधे तेजी से फल देने लगते हैं. घर के आम का जो असली स्वाद और खुशबू होती है, वह बाजार वाले फलों में कभी नहीं मिल सकती.

यह भी पढ़ें: घर की छत पर है जगह तो ऐसे उगा सकते हैं हरा-भरा कद्दू, नोट कर लें तरीका

नींबू का पौधा

गर्मियों में नींबू पानी लोगों को खूब राहत देता है. तो साथ ही गर्मी से लड़ने की ताकत भी देता है. नींबू का पौधा किचन गार्डन के लिए सबसे परफेक्ट और मॉडर्न चॉइस है. इसे उगाने के लिए आपको बहुत बड़े बगीचे की जरूरत नहीं है. 

एक मीडियम साइज का गमला भी काफी है. शिकंजी से लेकर सलाद तक नींबू की जरूरत हर वक्त पड़ती है. इसके पौधों को ऐसी जगह रखें जहां 6-7 घंटे की अच्छी धूप आती हो. नींबू के पौधे में नियमित गुड़ाई और महीने में एक बार वर्मीकम्पोस्ट डालने से फल काफी रसीले और बड़े साइज के आते हैं. 

पपीता का पौधा

पपीता एक ऐसा फल है जो बहुत ही कम समय में फल देना शुरू कर देता है. इसलिए इसे घर में लगाना काफी फायदेमंद होता है. पपीते के पौधों को ऐसी जगह लगाएं जहां पानी जमा न हो. क्योंकि इसकी जड़ों को ज्यादा नमी पसंद नहीं होती.  इसके बीजों को सीधे मिट्टी में लगाकर आप आसानी से पौधा तैयार कर सकते हैं. पपीता न केवल पाचन के लिए अच्छा है. बल्कि इसकी हरियाली आपके गार्डन को एक ट्रॉपिकल वाइब देती है.

यह भी पढ़ें: मक्के की फसल पर कीटों का अटैक? स्प्रे करने से पहले ये 3 बातें जान ली, तो बच जाएगा पैसा और फसल

अमरूद का पौधा

अमरूद का पेड़ काफी हार्ड होता है और इसे बहुत ज्यादा मेंटेनेंस की जरूरत नहीं पड़ती. इसलिए यह कम मेहनत करने वाले गार्डनर्स के लिए बेस्ट है. इसकी नई हाइब्रिड किस्में तो साल में दो बार फल देती हैं. अमरूद के पौधे को अच्छी धूप और समय पर कटाई-छंटाई की जरूरत होती है .

जिससे वह झाड़ीनुमा बना रहे और ज्यादा फल दे सके. घर के ताजे अमरूद विटामिन और फाइबर का बेहतरीन सोर्स होते हैं. जब आप खुद के उगाए अमरूद पर काला नमक लगाकर खाते हैं. तो उसका अहसास ही कुछ और होता है.

अनार का पौधा

अनार का पौधा न केवल सुंदर दिखता है बल्कि इसके लाल फल आपकी सेहत के लिए भी बहुत जरूरी हैं. अनार के पौधों को गर्मी और धूप काफी पसंद होती है. इसलिए ये भारतीय गर्मियों के लिए एकदम सटीक हैं. इसे आप बड़े कंटेनर्स में भी लगा सकते हैं. अनार के पौधे में समय पर ऑर्गेनिक खाद और सही सिंचाई का ध्यान रखने से फल मीठे और गहरे लाल रंग के आते हैं. यह एक ऐसा निवेश है जो आपको सालों तक ताजे और हेल्दी फल देता रहेगा.

यह भी पढ़ें: गेहूं की कटाई के बाद खाली खेतों में ये काम करें किसान, सरकार देती है 90% सब्सिडी

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Monsoon Gardening Tips: बारिश में बचाएं तुलसी-पुदीना और करी पत्ता, देखें किचन गार्डनिंग टिप्स
बारिश में बचाएं तुलसी-पुदीना और करी पत्ता, देखें किचन गार्डनिंग टिप्स
डेयरी बिजनेस के लिए किस नस्ल की भैंस सबसे बेस्ट, जान लीजिए
डेयरी बिजनेस के लिए किस नस्ल की भैंस सबसे बेस्ट, जान लीजिए
बिना मिट्टी खेती करके कमाएं, जानें पूरा तरीका
बिना मिट्टी खेती करके कमाएं, जानें पूरा तरीका
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव

वीडियोज

Bollywood News: विजय के Independence Day मंच पर तृषा की मौजूदगी, एक पल ने खींचा ध्यान (15.08.26)
Jagadhatri: 😯Janvi ने Jagadhatri को किया टीम से बाहर, फिर भी कॉलेज पहुंची Jagadhatri #sbs
Independence Day 2026: Rang De Basanti से Border तक, ये Patriotic Films जरूर देखें
Rhea Chakraborty ने Sushant Singh Rajput Case पर कहा, ‘Kaafi Saal Kar Liya Maine’
Rajasthan Patties Case | Sansani: 'मौत वाली पैटीज' से बच्चों को बचाओ ! | Crime News

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
इसी महीने भारत आएंगे बांग्लादेशी PM तारिक रहमान? जानें क्यों अहम दौरा
इसी महीने भारत आएंगे बांग्लादेशी PM तारिक रहमान? जानें क्यों अहम दौरा
न बेंच है, न पानी! 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत स्कूल पहुंचे अभिजीत दीपके
न बेंच है, न पानी! 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत स्कूल पहुंचे अभिजीत दीपके
'गदर' नहीं, ये है भारत-पाकिस्तान बंटवारे की सबसे वॉयलेंट फिल्म, कमाया था 72% प्रॉफिट
'गदर' नहीं, ये है भारत-पाकिस्तान बंटवारे की सबसे वॉयलेंट फिल्म, कमाया था 72% प्रॉफिट
30 टेस्ट, 30 वेन्यू, यशस्वी जायसवाल के नाम अनोखा रिकॉर्ड; सचिन के नक्शेकदम पर
30 टेस्ट, 30 वेन्यू, यशस्वी जायसवाल के नाम अनोखा रिकॉर्ड; सचिन के नक्शेकदम पर
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव
इस्लामाबाद में फहराया गया तिरंगा, गूंजे 'भारत माता की जय' के नारे
इस्लामाबाद में फहराया गया तिरंगा, गूंजे 'भारत माता की जय' के नारे
क्या ChatGPT आपके डिवाइस की करता है जासूसी? जानें सच्चाई
क्या ChatGPT आपके डिवाइस की करता है जासूसी? जानें सच्चाई
Video: लाल लहंगे में जमकर झूमी हसीना, राणा जी गाने पर जमकर मचाया बवाल
लाल लहंगे में जमकर झूमी हसीना, राणा जी गाने पर जमकर मचाया बवाल
Embed widget