एक्सप्लोरर

 Isabgol Farming: ईसबगोल की खेती कैसे कर सकते हैं किसान? होती है लाखों की कमाई

ईसबगोल की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. खेत में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए और मिट्टी का पीएच मान सामान्य या 6 से 7 के बीच होना बेहतर माना जाता है.

Isabgol Farming: ईसबगोल की खेती किसानों के लिए कम लागत में अच्छी कमाई का ऑप्शन बनकर उभर रही है. पारंपरिक फसलों के मुकाबले यह एक ऐसी औषधीय फसल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है. खास बात यह है इसकी खेती में ज्यादा समय नहीं लगता और फसल तैयार होने के बाद भूसी और दूसरे उत्पादों से अलग-अलग स्तर पर आय प्राप्त की जा सकती है.  राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश के कई किसान अब ईसबगोल की खेती की ओर रुख कर रहे हैं. ईसबगोल औषधीय पौधा है, जिसकी बालियां  गेहूं की तरह दिखाई देती है. इसके बीजों पर मौजूद भूसी में पानी सोखने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है. यही भूसी दवाइयाें और स्वास्थ्य उत्पादन में इस्तेमाल की जाती है. इसके अलावा पौधे की पत्तियां पशुओं के चारे के रूप में भी काम आती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलता है. 

किस मिट्टी और जलवायु में होती है अच्छी खेती?

एक्सपर्ट्स के अनुसार ईसबगोल की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. खेत में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए और मिट्टी का पीएच मान सामान्य या 6 से 7 के बीच होना बेहतर माना जाता है. ज्यादा नमी वाली जमीन में इसके पौधों का विकास प्रभावित हो सकता है. फसल की बुवाई के लिए अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के दूसरे सप्ताह तक का समय सबसे अच्छा माना जाता है. बहुत देर से बुवाई करने पर उत्पादन घट सकता है. 

बुवाई से पहले क्या करें?

ईसबगोल के बीज काफी छोटे होते हैं, इसलिए उन्हें रेत में मिलाकर बोया जाता है. बीजों की बुवाई से पहले फफूंदी नाशक दवा से उपचारित करना जरूरी माना जाता है, ताकि जड़ गलन और दूसरे रोगों से बचाव हो सके. कतार से कतार की दूरी लगभग 25 से 30 सेंटीमीटर रखी जाती है. बीजों को ज्यादा गहराई पर नहीं बोना चाहिए. वहीं खेत की अच्छी तरह जुताई पर मिट्टी को भुरभुरी बनाना जरूरी होता है. 

ये भी पढ़ें-नीम से कैसे बना सकते हैं जैविक खाद, तरीका जान लेंगे तो होगी हजारों की बचत?

कैसे करें फसल की देखभाल?

अच्छी पैदावार के लिए समय-समय पर सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और पौधों की निगरानी जरूरी होती है. सामान्य तौर पर फसल को पूरे जीवन काल में तीन से चार सिंचाई की आवश्यकता होती है. खरपतवार नियंत्रण के लिए दो से तीन बार निराई-गुड़ाई करनी चाहिए. जैविक खेती करने वाले किसान गोबर की खाद और वर्मी कंपोस्ट जैसी खाद का उपयोग कर सकते हैं. वहीं ईसबगोल को तुलासिता और विल्ट जैसे रोगों का खतरा रहता है. रोग नियंत्रण के लिए बीज उपचार और खेत की स्वच्छता जरूरी मानी जाती है. ऐसे में एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि कतारों के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाए और फसलों में ज्यादा नमी न रहने दी जाए. 

फसल तैयारी का समय और कमाई

ईसबगोल की फसल सामान्य तौर पर 110 से 130 दिनों में तैयार हो जाती है. जब बलिया पूरी तरह पक जाए तो साफ मौसम में कटाई करनी चाहिए. कटाई के दौरान बारिश होने पर बीज झड़ने और भूसी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. कृषि एक्सपर्ट के अनुसार एक हेक्टेयर क्षेत्र से 10 से 15 क्विंटल तक ईसबगोल का उत्पादन किया जा सकता है. बाजार में इसके बीजों का भाव अक्सर 8,500 से लेकर 15,000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल जाता है. इसके अलावा ईसबगोल की भूसी की मांग भी काफी रहती है, कई क्षेत्र में इसकी कीमत 25,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच जाती है.

ये भी पढ़ें-Rajasthan Farmer Scheme: मौसम की मार से फसल हो गई खराब? यहां की सरकार देगी ₹22,500 प्रति एकड़ मुआवजा

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

PM Kisan Samman Nidhi: किसान निधि का पैसा आने से पहले करें ये काम, नहीं तो अटक जाएगी किस्त
किसान निधि का पैसा आने से पहले करें ये काम, नहीं तो अटक जाएगी किस्त
Tree Farming Between the Crop Farm: खेत की मेड़ पर लगाएं ये पेड़, होने लगेगी एक्स्ट्रा इनकम
खेत की मेड़ पर लगाएं ये पेड़, होने लगेगी एक्स्ट्रा इनकम
दूध-हल्दी और हींग से घर पर बनाएं नेचुरल फर्टीलाइजर, खिल उठेंगे पौधे
दूध-हल्दी और हींग से घर पर बनाएं नेचुरल फर्टीलाइजर, खिल उठेंगे पौधे
मसाले, औषधीय पौधे या फूल... कम जमीन में ज्यादा मुनाफा किसमें?
मसाले, औषधीय पौधे या फूल... कम जमीन में ज्यादा मुनाफा किसमें?
Advertisement

वीडियोज

Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश
Romana Isar Khan | Janhit: मीटिंग-मीटिंग की 'सेटिंग' से संदेह बढ़ा? | Jharkhand Student Protest
Bareilly Ke Bacchan: 😯Sangam की बल्लेबाज़ी और ससुर की गेंदबाजी, पहली गेंद पर टूटा बैट छूटी हंसी #sbs
Govinda संग Komal Rani Swarnkar हुईं स्पॉट, 4 साल की Dating Rumours फिर चर्चा में
Bhojpuri Bawal में Kajal Raghwani पर भड़के Nirahua, बोले- ‘आप उसी के लायक हो’
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ED चीफ राहुल नवीन का बढ़ाया कार्यकाल
मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ED चीफ राहुल नवीन का बढ़ाया कार्यकाल
बिहार में शराबबंदी पर जीतनराम मांझी बोले, 'गुजरात मॉडल की...'
बिहार में शराबबंदी पर जीतनराम मांझी बोले, 'गुजरात मॉडल की...'
'अलग खेल चल रहा है...', वायरल मीम्स पर बोले रवि किशन, पॉपुलैरिटी का जेन जी को दिया क्रेडिट
'अलग खेल चल रहा है...', वायरल मीम्स पर बोले रवि किशन, पॉपुलैरिटी का जेन जी को दिया क्रेडिट
ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर दिया अजीब बयान, ऐसा किसी ने भी नहीं कहा
ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर दिया अजीब बयान, ऐसा किसी ने भी नहीं कहा
थरूर के बयान पर आया कांग्रेस नेता वेणुगोपाल का रिएक्शन, बोले- 'ध्यान रखना चाहिए कि...'
थरूर के बयान पर आया कांग्रेस नेता वेणुगोपाल का रिएक्शन, बोले- 'ध्यान रखना चाहिए कि...'
Monsoon Travel Insurance: घूमने से पहले करा लें Monsoon Travel Insurance, इसमें क्या-क्या कवर?
घूमने से पहले करा लें Monsoon Travel Insurance, इसमें क्या-क्या कवर?
अब दोबारा से होगी आरजीकर अस्पताल रेप मर्डर केस की जांच, शुभेंदु सरकार का फैसला
अब दोबारा से होगी RG कर अस्पताल रेप मर्डर केस की जांच, शुभेंदु सरकार का फैसला
Gum Disease Can Cause Heart Attack: मसूड़ों से खून को न करें नजरअंदाज, दिल से है कनेक्शन
मसूड़ों से खून को न करें नजरअंदाज, दिल से है कनेक्शन
Embed widget