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अजब-गजब! एक बीघा खेती से हो रही लाखों की कमाई, किस्मत खुल गई जब सरकार की इस स्कीम से मिला 70% अनुदान

Subsidy on Green House: यदि आप भी कम लागत में खेती करके अच्छी आमदनी लेना चाहते हैं तो ग्रीनहाउस-शेडनेट में सब्जियां उगा सकते हैं. इस संरक्षित ढांचे को बनाने के लिए अब सरकार 70% सब्सिडी दे रही है.

Subsidy On Shadenet: देश-दुनिया की आबादी तेजी से बढ़ रही है. इस बड़ी आबादी की खाद्य आपूर्ति भी एक बड़ा चुनौतीपूर्ण काम बनता जा रहा है, लेकिन किसान चाहें तो इस चुनौती को एक अवसर में बदल सकते हैं. इसमें ना आपको अधिक पैसा खर्च करना होगा और ना ही फसल की ज्यादा देखभाल करनी होगी. बस एक बार निवेश करने पर सालोंसाल अच्छा पैसा कमा सकते हैं. हम बता कर रहे हैं संरक्षित खेती की. कम जमीन, कम पानी, कम समय औj कम देखभाल में ही आप संरक्षित खेती करके ना सिर्फ अच्छी उपज ले सकते हैं, बल्कि ज्यादा पैसा भी कमा सकते हैं.

अच्छी बात तो यह है कि अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस संरक्षित ढांचे को स्थापित करने के लिए 70 फीसदी सब्सिडी दे रही है. इस स्कीम का लाभ लेकर खेती करने वालों में प्रगतिशील किसान मनीष भी शामिल है, जो आज शेडनेट में खीरा उगाकर लाखों कमा रहे हैं. 

संरक्षित ढांचे की बढ़ रही लोकप्रियता
इन दिनों शेडनेट हाउस और ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस की लोकप्रियता किसानों के बीच बढ़ती जा रही है, हालांकि अभी हमारे देश में विकसित देशों की तुलना में इसका क्षेत्रफल बहुत कम है, जोकि एक चिंता का विषय है, लेकिन इस चिंता को भी अब किसान एक नवाचार से दूर कर सकते हैं.

बता दें कि पॉली हाउस,शेडनेट हाउस का इस्तेमाल करके आप बेमौसमी सब्जियां भी उगा सकते हैं. इस आधुनिक ढांचे में खेती के लिए अपने हिसाब से तापमान नियंत्रित कर सकते हैं. आज कम क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन के लिए ये हाईटेक हॉर्टिकल्चर का कम्पोनेंट बहुत उपयोगी साबित हो रहा है.

प्रगतिशील किसान मनीष ने भी जब इस तकनीक के फायदों को समझा को पारंपरिक खेती के बजाए शेडनेट में खीरा उगाने लगे. आज मनीष इसी फसल से लाखों रुपये की आमदनी ले रहे हैं.


अजब-गजब! एक बीघा खेती से हो रही लाखों की कमाई, किस्मत खुल गई जब सरकार की इस स्कीम से मिला 70% अनुदान

क्या है पॉलीहाउस
खेत में फसल उत्पादन के लिए पॉलीथिन या प्लास्टिक की चादर से एक विशेष प्रकार का ढांचा बनाया जाता है. इस ढांचे के अंदर मौसमी और बे-मौसमी सब्जियों की निश्चिंत होकर खेती कर सकते हैं. पॉलीहाउस में बाहरी वातावरण का कोई असर नहीं होता, इसलिए कीट-रोगों से नुकसान और मौसम के बदलाव से फसलें सुरक्षित रहती हैं. 

क्या है शेडनेट
ग्रीनहाउस या शेडनेट एक हरे रंग की जालीनुमा संरचना है. इस ढांचे में वो फसलें उगाई जाती है, जिसमें सूरज की रौशनी या तेज तपिश की ज्यादा जरूरत नहीं होती, जो फसलें ज्यादा तापमान नहीं झेल पाती, उन्हें बिना किसी दिक्कत के शेड नेट में उगा सकते हैं.


अजब-गजब! एक बीघा खेती से हो रही लाखों की कमाई, किस्मत खुल गई जब सरकार की इस स्कीम से मिला 70% अनुदान

सरकार देती है भारी अनुदान
यदि आप भी अपने खेत में पॉलीहाउस या ग्रीनहाउस लगाना चाहते हैं तो राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आवेदन करना होगा. इसके लिए कुछ नियम और शर्तें हैं, जिन्हें लाभार्थी किसान को मानना होगा.

  • हर लाभार्थी को अधिकतम 4000 वर्गमीटर तक का ढांचा लगाने के लिए अनुदान दिया जाएगा.
  • ग्रीनहाउस या शेडनेट हाउस का निर्माण अनुबंधित फर्म से ही करवाना होगा.
  • ग्रीनहाउस या शेडनेट हाउस पर बैंक से कर्ज लेने की बाध्यता नहीं रहेगी.
  • यदि किसान को बैंक लोन की आवश्यकता है तो सहायक निदेशक या उपनिदेशक उद्यान से एलओआई (LOI) जारी की जायेगी.
  • तब बैंक की ओर से ग्रीनहाउस निर्माण की लागत में से किसान के हिस्से आने वाले खर्च पर लोन दिया जाएगा.


अजब-गजब! एक बीघा खेती से हो रही लाखों की कमाई, किस्मत खुल गई जब सरकार की इस स्कीम से मिला 70% अनुदान

किसे-कितना अनुदान
केंद्र सरकार की ओर से ग्रीनहाउस या शेडनेट लगाने के निर्माण पर हर वर्ग के किसान को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, लेकिन राज्य सरकार की तरफ से लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति कृषकों को 20% अधिक आर्थिक सहायता दी जाती है, इसलिए इस श्रेणी के किसान 70% अनुदान के हकदार होते हैं.

ग्रीन हाउस का आकार और लागत

(Green House)

आकार

लागत

500 वर्ग मीटर

1060 रुपये प्रति वर्गमीटर

1008 वर्ग मीटर

935 रुपये प्रति वर्गमीटर

2080 वर्ग  मीटर

890 रुपये प्रति वर्गमीटर

4000 वर्ग मीटर

844 रुपये प्रति वर्गमीटर

 

शेड नेट का आकार और लागत

(ट्यूबलर संरचना)

आकार

लागत

1000 से 4000 वर्गमीटर

710 रुपये प्रति वर्ग मीटर

 

ये दस्तावेज तैयार कर लें
ग्रीनहाउस-शेडनेट के निर्माण के लिए किसान को अनुदान प्रार्थना पत्र के साथ भू-स्वामित्व दस्तावेज (जमाबन्दी), लघु-सीमांत प्रमाण पत्र, मिट्टी पानी की जांच रिपोर्ट और अनुबंधित फर्म का कोटेशन लेकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

कैसे होगा किसान का चयन
किसान की ओर से ऑनलाइन आवेदन करने के बाद कार्यालय द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति या कार्य आदेश जारी किया जायेगा. इसके बाद जिला कार्यलय में लाभार्थी किसान अपने हिस्से आने वाले खर्च की राशि जमा करेगा. तब ही जिला कार्यालय संबंधित फर्म को सूचित करेगा. इस संपर्क के 10 दिन के अदंर फर्म की ओर से कार्य आदेश जारी होने से पहले लागत राशि की नियमानुसार परफार्मेंश गारंटी संबंधित जिला कार्यालय में जमा कराई जाएगी.

  • ग्रीनहाउस-शेडनेट निर्माण के लिए किसान के हिस्से आने वाली राशि संबंधित जिला हॉर्टिकल्चर डवलपमेंट सोसाइटी को जमा करवाई जाएगी.
  • इस संरक्षित ढांचे का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद किसान की ओर से कार्यालय को सूचित किया जाएगा और 7 दिन के अंदर फिजिकल वेरिफिकेशन होगा.
  • इसके बाद ग्रीहाउस-शेडनेट हाउस पर किसान का नाम, स्थापित वर्ष, कुल क्षेत्रफल, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत अनुदानित लिखवाना होगा.

यह भी पढ़ें:- 1 एकड़ खेत से हर महीने कमाएं 1 लाख रुपये, इस तकनीक के पीछे अमीर बनने के सभी नुस्खे फेल हैं

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