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Crop Management: कहीं मक्का की फसल को बर्बाद न कर दें खरपतवार, यहां जानें इसके नियंत्रण का सही तरीका

Farming Tips: मक्का की फसल में रासायनिक खरपतवार नाशी का भी छिड़काव करना पड़ जाता है, इसलिये विशेषज्ञों से भी सलाह-मशवरा करें.

Weed Management in Maize: खरीफ सीजन (Kharif Season) में कई किसानों में अपने खेत में मक्का की फसल (Maize Crop) लगाई हुई है. इस समय मक्का फसल 20-30 दिन की होती है, जिसमें खरपतवार (Weed Management) उग आते हैं और फसल की क्वालिटी और पैदावार को प्रभावित करते हैं. इसके समाधान के लिये कृषि विशेषज्ञों की ओर से फसल में निगरानी और निराई-गुडाई करने की सलाह देते हैं, जिससे समय रहते इन अनावश्यक पौधों को उखाड़कर फेंका जा सके. हालांकि कई परिस्थितियों में मक्का की फसल में रासायनिक खरपतवार नाशक (Weed Killer Chemicals) का भी छिड़काव करना पड़ जाता है. इस काम के विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार सही मात्रा में छिड़काव का काम करें.

मक्का की बुवाई के समय से रखें फसलों का ख्याल
मक्का की बुवाई के बाद खरपतवार, कीड़े और बीमारियों का संकट होना आम बात है, लेकिन बुवाई के पहले ही रोकथाम के उपाय कर लिये जाये, तो इस समस्या से निपटा जा सकता है. 

  • खेत तैयार करते समय ही जमीन में गहरी जुताईं करनी चाहिये और मिट्टी को धूप लगानी चाहिये, जिससे हानिकारक पदार्थ नष्ट हो जायें.
  • मक्का बुवाई से पहले बीजों को कार्बेंडाजिम और थीरम से उपचारित कर लेना चाहिये, जिससे फसल पर खरपतवारों का बुरा असर न पड़े.
  • फसल में प्रमाणित खरपतवार नाशी दवा डालें और छिड़काव के समय खेत में पर्याप्त नमी बनायें और कुछ समय तक खेत को खाली छोड़ दें.
  • खरपतवार नियंत्रण के लिये निराई-गुडाई को सबसे सस्ता साधन कहते हैं, क्योंकि इस दौरान खरपतवार वाले पौधों को जड़ समेत उखाड़कर फेंक दिया जाता है.

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खेत में खरपतवार नाशी का छिड़काव
अगर सही देखभाल के बावजूद खरपतवारों की समस्या खत्म नहीं हो रही है, तो खेत में रासायनिक खरपतवार नाशक का छिड़काव करें.

  • इसके लिये एट्राजिन नामक दवाई की 1.5 किग्रा. (एट्राटाफ 3.0 किग्रा.)मात्रा को एक हेक्टेयर खेत पर छिड़कें.
  • किसान चाहें तो बुवाई के तुरंत बाद 120 ग्राम प्रति कनाल की दर से इसका छिड़काव भी किया जाता है, ताकि फसल में सही अंकुरण हो और खरपतवारों को उगने से रोका जा सके.

भारी मिट्टी में खरपतवार नियंत्रण

  • विशेषज्ञों के मुताबिक मक्का की फसल में खरपतवारों के रासायनिक नियंत्रण के लिये भारी मिट्टी वाले एक हेक्टेयर खेत में एट्राजीन नाम दवाई की  2 किग्रा. का छिड़काव करें.
  • एक एकड़ खेत में इसकी 800 ग्राम मात्रा को छिड़कना सही रहता है.

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हल्की मिट्टी में खरपतवार नियंत्रण

  • हल्की मिट्टी में रासायनिक दवाओं का छिड़काव (Chemical Spray) सावधानी से करना चाहिये, क्योंकि इससे फसल के साथ-साथ मिट्टी भी प्रभावित होती है.
  • इसके लिये एक हेक्टेयर खेत में एट्राजीन खरपतवार नाशक (Weed Killer Spray) का 1.25 किग्रा. मात्रा का छिड़काव करें.
  • एक एकड़ खेत में एट्राजीन की 500 ग्राम मात्रा काफी रहती है.
  • हालांकि विशेषज्ञ मक्का की बुवाई के तुरंत बाद एट्राजीन की 500 लीटर प्रति हेक्टेयर और 200 लीटर प्रति एकड़ के हिसाब से पानी में घोलकर छिड़कने की सलाह देते हैं
  • ये दवायें हर प्रकार के खरपतवार (Weed) और नुकसानदायक पौधों (Useless Plants) के लिये असरकारी होती हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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