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Millets Production: इस राज्य में 40 लाख हेक्टेयर में होता था मोटा अनाज, रुचि हटी तो किसानों ने बो दी ये फसलें

उत्तर प्रदेश में कभी 40 लाख हेक्टेयर में मोटा अनाज होता था. लेकिन किसानों की दिलचस्पी हटने के कारण रकबा बेहद कम हो गया. अब राज्य सरकार 25 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाज की बुवाई का रकबा तय किया है.

Millets Production In India: विश्व में मिलेट ईयर मनाया जा रहा है. भारत सरकार की पहल के बाद यूनाइटेड नेशन ने मिलेट ईयर घोषित करने के लिए कदम उठाया. मोदी सरकार प्रत्येक राज्य में मोटा अनाज उत्पादन और खपत को बढ़ावा देने की कार्य योजना पर काम कर रही है. मोटा अनाज उत्पादन बढ़ाने को लेकर बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्य सरकारें कसरत कर रही हैं. मोटा अनाज के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का विशेष स्थान रहा है. लेकिन किसानों की अरुचि के कारण प्रदेश में रकबा घटा है. अब प्रदेश सरकार फिर से मोटा अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नए सिरे से खाका तैयार कर रही है. 

40 लाख हेक्टेयर में होती थी खेती, अब उगा दी दूसरी फसलें

उत्तर प्रदेश सरकार मोटा अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने को लेकर ग्राउंड लेवल पर तैयारियों में जुटी है. प्रदेश सरकार की विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने ऐसी जगह चिन्हित की हैं, जहां मिलेट की खेती की जा सकती हैं. एक और फैक्ट सामने आया है कि बुदेलखंड और पश्चिमी जिलों के आसपास 40 लाख हेक्टेयर भूमि ऐसी है, जहां मोटा अनाज उत्पादन होता रहा था. लेकिन अब वहां दूसरी फसलें उगाई जाने लगी हैं. अब राज्य सरकार ने तय किया है कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मोटा अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा. 

अब 25 लाख हेक्टेयर में होगी मोटे अनाज की खेती

प्रदेश सरकार ने मिलेट्स उत्पादन का रकबा बढ़ाने को लेकर कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है. अब प्रदेश सरकार मोटा अनाज के रकबे को 21 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 25 लाख हेक्टेयर करेगी. उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग ने मोटा अनाज उत्पादन को लेकर इन जिलों को चिन्हित कर सभी ब्लॉकों से जानकारी मांग ली हैं. उनसे पूछा गया है कि मोटा अनाज उत्पादन को लेकर ब्लॉक में भूमि की क्या स्थिति है. 

किसानों को मोटा अनाज का दिया जाएगा इतना बीज

प्रदेश सरकार मोटा अनाज की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए निशुल्क बीज उपलब्ध कराएगी. प्रदेश सरकार की कोशिश है कि मोटा अनाज को प्रदेश में फिर से खाने और बिक्री के तौर पर इस्तेमाल किया जाए. राज्य सरकार किसानों को निशुल्क बीज भी उपलब्ध करा रही है गुणवत्तायुक्त बीज मुहैया कराने के लिए प्रदेश के सरकारी फार्मों में भी बीज उत्पादन कराने की गति तेज करेगी. इसका शुभारंभ राज्य के इटावा में जौनई कृषि फार्म से हो चुका है. राज्य सरकार ने आगामी फसलों के मौसम के लिए किसानों को 5000 क्विंटल बाजरा, 7000 क्विंटल ज्वार, 200 क्विंटल कोदों और 200 क्विंटल सावां का बीज उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है. 

किसानों को दी जाएगी फ्री मिनीकिट

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को फ्री में बीज उपलब्ध कराएगी. बीज मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है. राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, मोटा अनाज का रकबा बढ़ाने पर बीजों की खपत बढ़ जाएगी. बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बीज वितरण एजेंसियों से संपर्क किया गया है. किसानों को मोटा अनाज देने का काम उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, एनएससी और एफपीओ करेंगे. किसानों को बीज की फ्री मिनीकिट भी मुहैया कराई जाएगी. राज्य सरकार सब्सिडी पर भी बीजों को उपलब्ध कराएगी. वहीं, एमएसपी पर बाजरे की एमएसपी 2350 रुपये प्रति क्विंटल तय की ई हैं. राज्य सरकार अगले साल ज्वार, कोदों, कुटकी और सवां जैसे अन्य मोटे अनाजों की एमएसपी भी तय करेगी. 

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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