एक्सप्लोरर

बायोगैस प्लांट बनाने के लिए कितनी सब्सिडी देती है सरकार, हर महीने मिलेगी दो सिलेंडर जितनी गैस

Biogas Plant Subsidy: सरकारी सब्सिडी की मदद से अब घर पर खुद का बायोगैस प्लांट लगाना बेहद सस्ता हो गया है. इस आसान तरकीब को अपनाकर आप हर महीने रसोई गैस पर होने वाले हजारों रुपए के खर्च को बचा सकते हैं.

Biogas Plant Subsidy: अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव के चलते देश में पिछले कुछ समय में एलपीजी गैस की काफी किल्लत देखने को मिली. सरकार ने एलपीजी गैस के दाम भी बढ़ाए जिससे लोगों को दूसरे विकल्पों की ओर रुख करने को मजबूर होना पड़ा. आमतौर पर लोगों के घरों के आसपास काफी खाली जगह रहती है. ऐसे में अगर आपके घर के पीछे खाली पड़ी जमीन है. तो उसपर आप खुद का बायोगैस प्लांट लगा कर एलपीजी सिलेंडर से छुटकारा पा सकते हैं.

बायोगैस प्लांट न सिर्फ पर्यावरण के लिए सही है बल्कि अब यह ग्रामीण इलाकों और किसानों के लिए कमाई और बचत का भी जरिया भी बनता जा रहा है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस प्लांट को लगाने के लिए अब मोटी रकम जेब से खर्च करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार इस पर आपको सब्सिडी मुहैया करवा रही है.

सरकार दे रही है इतनी सब्सिडी

बिहार सरकार की ओर से बायोगैस प्लांट को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी स्कीम चलाई जा रही है. जिसमें लागत का एक बड़ा हिस्सा सरकार खुद उठा रही है. अगर आप अपने घर या खेत पर दो घन मीटर की उत्पादन क्षमता वाला एक छोटा बायोगैस प्लांट लगाते हैं. तो इसकी कुल लागत लगभग 42000 रुपए आती है. इस लागत का सीधा 50% हिस्सा सरकार सब्सिडी के तौर पर आपके बैंक खाते में ट्रांसफर करती है. इसका मतलब है कि सीधे तौर पर आपको 21000 की बड़ी छूट मिल जाती है. 

यह भी पढ़ें: नीम से कैसे बना सकते हैं जैविक खाद, तरीका जान लेंगे तो होगी हजारों की बचत?

इसके अलावा सरकार 1500 की एक्स्ट्रा आर्थिक मदद भी अलग से दे रही है. इन दोनों को मिलाकर एक किसान  प्रति बायोगैस प्लांट कुल 22500 रुपये तक का सरकारी अनुदान मिल जाता है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के तहत भारी-भरकम बजट भी पास किया जा चुका है जिससे ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण इस क्लीन एनर्जी का फायदा उठा सकें.

हर महीने मिलेगी दो सिलेंडर जितनी गैस

इस प्लांट को घर पर लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इसमें सिर्फ थोड़े से गोबर और पानी की जरूरत होती है. रोजाना इसमें गोबर डालने से जो गैस बनती है. उससे बिना किसी रुकावट के आपके किचन का चूल्हा लगातार जल सकता है. इस छोटे से प्लांट से हर महीने इतनी मीथेन गैस जनरेट होती है जो आम रसोई में इस्तेमाल होने वाले दो एलपीजी घरेलू सिलेंडरों के बराबर का बैकअप दे देती है.

यह भी पढ़ें: Weak Monsoon Crops Risk: मानसून कमजोर हुआ तो इन फसलों के लिए सबसे ज्यादा खतरा, ऐसे करें तैयारी 

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

कैसे बनता है किसानों का आयुष्मान कार्ड, किन-किन डॉक्युमेंट्स की होती है जरूरत?
कैसे बनता है किसानों का आयुष्मान कार्ड, किन-किन डॉक्युमेंट्स की होती है जरूरत?
दिल्ली में 5 दिन लेट आया मानसून, इससे फसलों की क्वालिटी पर कितना पड़ेगा असर?
दिल्ली में 5 दिन लेट आया मानसून, इससे फसलों की क्वालिटी पर कितना पड़ेगा असर?
परवल खरीदने के लिए अब नहीं जाना होगा बाजार, घर पर आसानी से उगा सकते हैं आप
परवल खरीदने के लिए अब नहीं जाना होगा बाजार, घर पर आसानी से उगा सकते हैं आप
खेती के साथ शुरू करें शहद का बिजनेस, सरकार के इस बड़े मिशन से ऐसे मिलेगी भारी सब्सिडी
खेती के साथ शुरू करें शहद का बिजनेस, सरकार के इस बड़े मिशन से ऐसे मिलेगी भारी सब्सिडी
Advertisement

वीडियोज

Ram Mandir Loot | Champat Rai | Sandeep Chaudhary: मंदिर के चढ़ावे पर डाके का पूरा सच!
Monsoon Disaster | Cloudburst in Kashmir: बादल फटा, आफत गिरी! कुपवाड़ा से अनंतनाग तक तबाही का मंजर!
Ram Mandir Donation Scam | Janhit: अग्नि परीक्षा से क्यों भाग रहे हैं ट्रस्ट के पदाधिकारी?
Akhilesh | UP Election 2027: PDA या हिंदुत्व? 2027 के महासंग्राम में अखिलेश यादव की नई सियासी बिसात!
Sansani | Crime News | Ketan Murder Case: सिया के 'खूनी दिमाग' का पॉलीग्राफ टेस्ट खोलेगा राज?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान पहुंचीं महबूबा मुफ्ती, तेहरान में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अयातुल्लाह खामेनेई को दी श्रद्धांजलि
ईरान पहुंचीं महबूबा मुफ्ती, तेहरान में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अयातुल्लाह खामेनेई को दी श्रद्धांजलि
प्रशांत किशोर ही बांकीपुर से होंगे जन सुराज के प्रत्याशी, पार्टी बोली- 'BJP को हराना है तो…'
प्रशांत किशोर ही बांकीपुर से होंगे जन सुराज के प्रत्याशी, पार्टी बोली- 'BJP को हराना है तो…'
सोनमर्ग अटल टनल के पास CRPF की गाड़ी पलटी, हादसे में 6 जवान घायल
सोनमर्ग अटल टनल के पास CRPF की गाड़ी पलटी, हादसे में 6 जवान घायल
Women’s T20 World Cup में सबसे ज्यादा फाइनल खेलने वाली टीमें, ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे, देखें पूरी लिस्ट
Women’s T20 World Cup में सबसे ज्यादा फाइनल खेलने वाली टीमें, ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे, देखें पूरी लिस्ट
Alpha First Review: आलिया भट्ट की स्पाई एक्शन थ्रिलर 'अल्फा' का फर्स्ट रिव्यू आउट, देखने से पहले जान लें कैसी है ये फिल्म?
आलिया भट्ट की 'अल्फा' का फर्स्ट रिव्यू आउट, देखने से पहले जानें कैसी है ये फिल्म?
Explained: ये मजाक नहीं है... दिल्ली की 41 डिग्री सेल्सियस में 53 डिग्री गर्मी की वजह पाकिस्तान! साइंस का बड़ा खुलासा क्या?
ये मजाक नहीं... दिल्ली की 41 डिग्री में 53 डिग्री गर्मी की वजह PAK! साइंस का बड़ा खुलासा क्या?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस पर सड़क धंसने से हो जाए हादसा तो कैसे मिलेगा मुआवजा? जानें नियम
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस पर सड़क धंसने से हो जाए हादसा तो कैसे मिलेगा मुआवजा? जानें नियम
Birth Rate Decline: टूट गया 50 साल का रिकॉर्ड! जन्म लेने वाले बच्चों से ज्यादा हो रही मौतें, आंकड़े हैरान करने वाले
टूट गया 50 साल का रिकॉर्ड! जन्म लेने वाले बच्चों से ज्यादा हो रही मौतें, आंकड़े हैरान करने वाले
Embed widget