Fact Check: फ्रांस में विरोध प्रदर्शन की तस्वीर हो रही वायरल! जानें इस दावे की सच्चाई
Fact Check: इंटरनेट पर वायरल की जा रही लोगों से भरी सड़क का एरियल व्यू दिखाया गया है. इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ यूजर इसे फ्रांस में प्रदर्शनों से जुड़ी बता रहे हैं.

France Protests Fact Check: फ्रांस में पेंशन सुधारों के विरोध में हिंसक प्रदर्शनों की व्यापक कवरेज की गई है. इसमें प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प, भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और कचरे को आग लगाते प्रदर्शनकारियों के तमाम वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है. इसी बीच, एक और तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो रही है, जिसमें लोगों से भरी सड़क का एरियल व्यू दिखाया गया है. इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स कई तरह के दावे कर रहे हैं. कुछ यूजर इसे फ्रांस में चल रहे विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा बता रहे हैं. हालांकि, वायरल तस्वीर की सच्चाई क्या है? इसके बारे में हम आपको पूरी जानकारी प्रदान करेंगे.
क्या है वायरल तस्वीर में?
स्प्रिटर नाम के एक ट्विटर यूजर ने इस तस्वीर को शेयर किया है. इस ट्वीट के कैप्शन में यूजर ने लिखा है कि 'पेरिस में प्रोटेस्ट, बीती रात'. इस एरियल व्यू तस्वीर में कथित तौर पर फ्रांस में विरोध प्रदर्शन को दिखाया गया है. इसमें हजारों की संख्या में लोग रात में सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे इलाके में जाम लगा हुआ है. इस तस्वीर को 26 मार्च, 2023 की रात 09:03 बजे पोस्ट किया गया था. इसके अलावा, अन्य सोशल मीडिया यूजर्स भी मिलते-जुलते दावों के साथ इस तस्वीर को शेयर कर रहे हैं.
🇫🇷 Protests in Paris, last night. pic.twitter.com/Se87fi3KU5
— Spriter (@Spriter99880) March 26, 2023
वायरल दावे की सच्चाई
इस तस्वीर की जांच पड़ताल में हमने पाया कि ये तस्वीर फ्रांस की नहीं बल्कि इजरायल की है. हमने देखा कि एक यूजर ने ट्वीट के जवाब में लिखा था कि यह तस्वीर इजरायल की है.
— Alimoff (@Iplosello) March 27, 2023
इसके लिए हमने कीवर्ड्स सर्च किए तो हमें 5 मार्च, 2023 की रॉयटर्स की एक रिपोर्ट मिली. तस्वीर वाली रॉयटर्स की रिपोर्ट इजरायल में हाल ही में न्यायिक प्रणाली में बदलाव की सरकार की योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बारे में थी.
आर्टिकल में दी गई जानकारी के अनुसार, तस्वीर को फोटोग्राफर इलान रोसेनबर्ग ने 4 मार्च, 2023 को तेल अवीव में क्लिक किया था. द जेरूसलम पोस्ट और यूएस न्यूज की रिपोर्ट में भी इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था. बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय की शक्तियों को सीमित करने वाले एक न्यायिक ओवरहाल योजना का प्रस्ताव करने के बाद 2023 की शुरुआत में इजराइल में विरोध और हड़ताल की एक श्रृंखला शुरू हुई थी.
इस योजना के खिलाफ बोलने वाले देश के रक्षा मंत्री को बर्खास्त करने के बाद ये विरोध तेज हो गया. 27 मार्च को नेतन्याहू ने न्यायिक ओवरहाल योजना में देरी की घोषणा की. हालांकि, इस देरी के बावजूद देश में अभी भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं.
इसके अलावा, हमें पता चला कि रॉयटर्स फ़ोटोग्राफ़र इलन रोसेनबर्ग ने 5 मार्च को अपने फ़ेसबुक पेज पर विरोध प्रदर्शनों की एक तस्वीर शेयर की थी. इस तस्वीर की वायरल तस्वीर से तुलना करने पर हमें पता चला कि दोनों तस्वीरों के शॉट एक ही स्थान के हैं.
रोसेनबर्ग के फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई तस्वीर में एक ऊंची इमारत पर 'क्राउन प्लाजा सिटी सेंटर' लिखा हुआ है. एरियल व्यू से देखने पर क्राउन प्लाजा सिटी सेंटर के टावरों में से एक टॉवर ट्राइएंगल दिखता है. इस शेप को रोसेनबर्ग के फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई तस्वीर के साथ-साथ गूगल मैप्स के सैटेलाइट व्यू में देखा जा सकता है. साथ ही, सड़क के दूसरी ओर तेल अवीव की सरकारी परिसर की इमारत है, जो एक तरफ अर्धवृत्ताकार और दूसरी तरफ सपाट है.
इस प्रकार यह स्पष्ट हो गया कि इजरायल में विरोध प्रदर्शन से संबंधित एक तस्वीर को फ्रांस में विरोध प्रदर्शन के रूप में गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है. कुल मिलाकर ये दावा गलत साबित हुआ.
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Source: IOCL





















