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Panchayat Chunav की भेंट चढ़े शिक्षकों को कब मिलेगा इंसाफ ? | Mudde Ki Baat
अब ‘मौत वाली ड्यूटी’ का पंचनामा दिखाते हैं, क्योकि ये रिपोर्ट उन शिक्षकों की मौत से जुड़ी है. जिनकी ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगी थी, लेकिन उनकी ये ड्यूटी आखिरी ड्यूटी बन गई. दावा है कि पंचायत चुनाव में कोरोना से 1621 शिक्षकों की मौत हुई है, लेकिन सरकार सिर्फ 3 शिक्षकों की मौत के आंकड़े को स्वीकार रही है और अब इसको लेकर राजनीति शुरू हो गई है, लेकिन राजनीति से इतर सवाल उन लोगों का है. जिन्होंने पंचायत चुनाव के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी, लेकिन उन्हें मरने के बाद भी सम्मान नहीं मिल रहा है. ये रिपोर्ट देखिए
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