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Noida में भू-माफियाओं पर अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई | ABP Ganga
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते वक्त ऐलान किया था या तो अपराधी अपराध छोड़ दें या उत्तर प्रदेश छोड़ दें. सूबे में योगी सरकार को 4 साल हो चुके हैं. इन 4 सालों में अपराधियों पर, भू-माफिया पर और बाहुबलियों पर लगातार एक्शन हो रहा है. सबसे बड़ा एक्शन दिल्ली से सटे नोएडा में हो रहा है. जिसे अपराधियों ने माफिया लैंड बना दिया था. अब उसी नोएडा में पिछले 1 हफ्ते में 50 से ज्यादा भूमाफिया पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है. जिसमें एक्सप्रेस-वे कोतवाली में 21, बिसरख कोतवाली में 10, इकोटेक में 3 कोतवाली में 7, इकोटेक-1 कोतवाली में 5, दनकौर में 3, नॉलेज पार्क में 2, कासना और सेक्टर-39 में एक-एक एफआईआर दर्ज हुई हैं. इसे पुलिस और प्रशासन की भूमाफिया के खिलाफ अब की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है, लेकिन आपको बता दें कि नोएडा में भूमाफिया के हौंसले इतने बुलंद हो गए थे. इन्होंने रक्षा मंत्रालय की 161 एकड़ जमीन पर भी कब्जा कर लिया था. जिसकी कीमत करीब 400 करोड़ रुपए थी. इस जमीन पर सेना के जवान गोली चलाने की प्रैक्टिस करते थे, लेकिन माफिया ने इसपर कब्जा कर रखा था और अब माफिया पर नकेल कसने के बाद इस जमीन को खाली करा लिया गया है. दरअसल, हरनंदी और यमुना किनारे खादर और डूब क्षेत्र की ज़मीन पर भूमाफिया ने सबसे ज्यादा अवैध कब्जा कर लिया था. जिसे हाल ही में सिंचाई विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सख्ती के साथ खाली कराया है. साथ ही, दूसरी जमीनों पर भी हुए कब्जों को लेकर सिंचाई विभाग ने जांच की. जांच के बाद ही विभाग ने नोएडा के 8 थानों में 50 से ज्यादा एफआईआर दर्ज कराईं. एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस-प्रशासन ने भी कमर कसते हुए भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी. सभी माफिया पर भूमाफिया एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत एक्शन होगा. ये एक्शन उन माफिया के लिए भी सख्त संदेश हैं जिनपर अभी एक्शन होना बाकी है. उनके लिए समय है कि वो समय रहते सुधर जाएं, नहीं तो पुलिस प्रशासन का डंडा इनपर भी सख्ती से चलेगा.
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रुमान हाशमी, वरिष्ठ पत्रकार
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