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गली-गली तेजाब/ कैसे रुकेगा 'छपाक'?
देश में एसिड अटैक की शिकार हुई सैकड़ों युवतियों के दर्द को सिनेमा के पर्दे पर बयान करने वाली फिल्म छपाक की वजह से... एक बार फिर एसिड अटैक की शिकार हुई सैकड़ों युवतियों के साथ... कभी उनके हंसते-खिलखिलाते चेहरों के साथ उनकी उम्मीदों को जला देना वाला एसिड भी सुर्खियों में है... चेहरे पर तेजाब की बौछार के बाद उठने वाले दर्द को शब्दों में कभी बयां ही नहीं किया जा सकता है... इसका दर्द सिर्फ एसिड अटैक की शिकार हुई वो युवतियां ही महसूस कर सकती हैं जिन्होने खुद इसे झेला है.. लेकिन आज भी हर गली और हर बाजार में खुलेआम एसिड बेचा और खरीदा जा रहा है.. जबकि इसे लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत ने सख्त नियम बना रखे हैं...
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