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1984 सिख विरोधी दंगा: 3000 से ज्यादा निर्दोष लोगों की हत्या हो गई..35 साल बाद बयान आया- 'हुआ तो हुआ'
आज देश भर में तीन शब्दों को लेकर काफी बहस हो रही है...और वो तीन शब्द हैं...'हुआ तो हुआ'...इन शब्दों का जब भी इस्तेमाल होता है तो उसमें या तो लापरवाही दिखती है या फिर बातों का टालने की प्रवृति...लेकिन यही तीन शब्द जब साढ़े तीन हजार लोगों की हत्या के सवाल पर इस्तेमाल किये जाये तो सोचिये उनपर क्या बीतेगी जिन्होंने अपने लोगों को खोया है...यही तीन शब्द जब आजाद भारत के सबसे बड़े नरसंहार को लेकर इस्तेमाल किये जाये तो इस देश की जनता पर क्या गुजरेगी जिसने उस तबाही को झेला है.
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रुमान हाशमी, वरिष्ठ पत्रकार
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