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GYANVAPI से शुरू लड़ाई, अंत पर कब आएगी? । Gyanvapi Masjid Case
मदनी ने अपने संबोधन ने कहा कि, हमारे लहजे में इन्हें नफरत कहां से नजर आ रही है. हम डराते नहीं हैं आप डराने का काम करते हैं. हम गैर नहीं हैं, हम इस मुल्क के हैं, ये हमारा मुल्क है. हम अपने मुल्क के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे. हमारी तहजीब, खाने-पीने के तरीके अलग हैं... अगर तुमको हमारा मजहब बर्दाश्त नहीं है तो तुम कहीं और चले जाओ. वो जरा-जरा सी बात पर कहते हैं कि पाकिस्तान चले जाओ. हमें तो मौका मिला था, लेकिन हमने उसे रिजेक्ट कर दिया.
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