लॉकडाउन की बेवफा का खूनी खेल
लॉकडाउन के सन्नाटे में, जहाँ दुनिया थमी हुई थी, वहाँ एक घिनौना खूनी खेल शुरू हुआ। यह कहानी है एक बेवफा पत्नी की, जिसने अपने अवैध रिश्ते की राह से पति को हटाने के लिए एक भयानक साजिश रची। लॉकडाउन की पाबंदियों का फायदा उठाकर उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर, पति को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। पति की लाश को ठिकाने लगाने के बाद, इस क्रूर पत्नी और उसके प्रेमी ने उसी घर को, जो अब लाश का गवाह था, अपना 'सीरियल हनीमून' स्पॉट बना लिया। किसी को शक न हो, इसलिए उन्होंने सामान्य जीवन जीने का नाटक किया, जबकि घर के भीतर उनका खूनी प्रेम फल-फूल रहा था। लेकिन कहानी में सबसे भयावह मोड़ तब आता है, जब पति के शव को उन्होंने घर के भीतर ही एक गुप्त जगह पर दफना दिया। यह दफन सिर्फ एक अंत नहीं था, बल्कि एक सालगिरह की शुरुआत थी। कब्र में 365 दिन की LOVE पार्टी – यह जोड़ा अपने अवैध और विकृत रिश्ते के हर दिन को, ठीक अपने पति की कब्र के ऊपर, जश्न के साथ मनाता रहा। हर रात, मुर्दा पति उनके बीवी की गुप्त लीला का मुर्दा गवाह बनता रहा। लॉकडाउन के सन्नाटे में, जहाँ दुनिया थमी हुई थी, वहाँ एक घिनौना खूनी खेल शुरू हुआ। यह कहानी है एक बेवफा पत्नी की, जिसने अपने अवैध रिश्ते की राह से पति को हटाने के लिए एक भयानक साजिश रची। लॉकडाउन की पाबंदियों का फायदा उठाकर उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर, पति को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। पति की लाश को ठिकाने लगाने के बाद, इस क्रूर पत्नी और उसके प्रेमी ने उसी घर को, जो अब लाश का गवाह था, अपना 'सीरियल हनीमून' स्पॉट बना लिया। किसी को शक न हो, इसलिए उन्होंने सामान्य जीवन जीने का नाटक किया, जबकि घर के भीतर उनका खूनी प्रेम फल-फूल रहा था। लेकिन कहानी में सबसे भयावह मोड़ तब आता है, जब पति के शव को उन्होंने घर के भीतर ही एक गुप्त जगह पर दफना दिया। यह दफन सिर्फ एक अंत नहीं था, बल्कि एक सालगिरह की शुरुआत थी। कब्र में 365 दिन की LOVE पार्टी – यह जोड़ा अपने अवैध और विकृत रिश्ते के हर दिन को, ठीक अपने पति की कब्र के ऊपर, जश्न के साथ मनाता रहा। हर रात, मुर्दा पति उनके बीवी की गुप्त लीला का मुर्दा गवाह बनता रहा।

























