Rahul Gandhi की 'बारात'...Lalu Yadav का आघात
188 दिन पहले यानी 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे, बीजेपी की केंद्र में लगातार तीसरी बार सरकार बन गई लेकिन इन नतीजों ने विपक्ष खासकर कांग्रेस को नई उम्मीद दी, पिछले बार से बेहतर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस ने 99 सीट जीती...कांग्रेस को इंडिया गठबंधन की कमान मिली गई थी.. विपक्षी गठबंधन की ट्रेन में कांग्रेस इंजन नजर आ रही थी, राहुल गांधी भी पहली बार संवैधानिक पद नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर काबिज हुए और उनके हर मुद्दे और एजेंडे के समर्थन में विपक्ष खड़ा नजर आ रहा था...राहुल आगे आगे गठबंधन की गाड़ी को लेकर चल रहे थे.. साथ में अखिलेश, ममता, तेजस्वी से लेकर पवार और उद्धव थे। लोकसभा चुनाव से जो कांग्रेस दो कदम आगे नजर आ रही थी वो अब हरियाणा-महाराष्ट्र के नतीजों से 4 कदम पीछे है। पहले टीएमसी ने इंडिया गठबंधन की कमान दीदी को देने की मांग की, फिर एक-एक कर आप, एसपी, शरद पवार की एनसीपी, उद्धव की शिवसेना और अब आरजेडी एक एक कर दीदी की अगुवाई वाली सियासी गाड़ी पर सवार हो चुके हैं, सभी दीदी की तारीफों के पुल बांध रहे हैं तो कांग्रेस की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं






























