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130 KM रफ्तार वाली ट्रेनों से Non-AC Coach हटाए जाने के फैसले से क्या होगा? समझिए
रेलवे ने फ़ैसला किया है कि अब देश में 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाली किसी भी ट्रेन में नॉन एसी डिब्बे नहीं लगाए जाएंगे. यानी अब इन तेज़ रफ़्तार ट्रेनों में जनरल और स्लीपर क्लास जैसे आम यात्री डिब्बे नहीं होंगे. रेलवे के इस फ़ैसले पर कई सवाल उठ रहे हैं. पूछा जा रहा है कि तो क्या अब अमीरों की ट्रेन अलग और ग़रीबों की ट्रेन अलग हो जाएगी ?
रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुखबीर सिंह ने इस मामले पर बोलते हुए कहा कि नॉन एसी कोच हटाने की कोई मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या अन्य तकनीकी वजह नहीं हो सकती. 130 किमी की रफ़्तार की कई ट्रेनों में नॉन एसी कोच पहले भी बिना किसी समस्या के चलते रहे हैं. एसी कोच की पर किलोमीटर रनिंग कॉस्ट और मेंटेनेन्स कॉस्ट अधिक होगी.. कैपिटल कॉस्ट भी अधिक होगी यानी ओवर आल आपरेटिंग कॉस्ट ज़्यादा होगी, जिससे किराए बढ़ेंगे लेकिन ये सॉफ़्ट चेंज होना चाहिए. लेकिन यहां किराए में वृद्धि काफ़ी ज़्यादा होगी.
रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुखबीर सिंह ने इस मामले पर बोलते हुए कहा कि नॉन एसी कोच हटाने की कोई मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या अन्य तकनीकी वजह नहीं हो सकती. 130 किमी की रफ़्तार की कई ट्रेनों में नॉन एसी कोच पहले भी बिना किसी समस्या के चलते रहे हैं. एसी कोच की पर किलोमीटर रनिंग कॉस्ट और मेंटेनेन्स कॉस्ट अधिक होगी.. कैपिटल कॉस्ट भी अधिक होगी यानी ओवर आल आपरेटिंग कॉस्ट ज़्यादा होगी, जिससे किराए बढ़ेंगे लेकिन ये सॉफ़्ट चेंज होना चाहिए. लेकिन यहां किराए में वृद्धि काफ़ी ज़्यादा होगी.
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