India Pakistan War: सीजफायर की जानकारी Trump को पहले कैसे लगी? AAP प्रवक्ता ने पूछे तीखे सवाल
भारत और पाकिस्तान के बीच फिलहाल सीमा पर शांति है लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दावों को लेकर भारत की राजनीति में अशांति है...बीती रात ट्रंप ने सऊदी अरब की यात्रा के दौरान एक बार फिर दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम उनके प्रशासन ने कराया है. भारत कई बार कह चुका है कि युद्धविराम के लिए पेशकश पाकिस्तान की तरफ़ से आई थी...पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO को फ़ोन किया था...कल शाम को ही विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ़ कर दिया था कि भारत और अमेरिका के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद व्यापार को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है...भारत ने ये भी साफ़ कर दिया था कि कश्मीर पर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता उसे मंज़ूर नहीं है...लेकिन इसके बावजूद ट्रंप बार-बार युद्धविराम का क्रेडिट ले रहे हैं. ट्रंप के बयानों को लेकर विपक्ष सरकार से सवाल पूछ रहा है...कोई ट्रंप के बयान पर सरकार से रुख़ साफ़ करने की मांग कर रहा है तो कोई संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहा है.. आज महादंगल में पूछेंगे कि ट्रंप बार-बार मध्यस्थता का झूठा दावा क्यों कर रहे हैं...जो ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने में पूरी तरह नाकाम रहे वो भारत-पाकिस्तान का युद्ध रुकवाने का ढिंढोरा क्यों पीट रहे हैं...सवाल ये भी कि सरकार के आधिकारिक बयान के बावजूद विपक्ष ट्रंप के बयान पर भरोसा क्यों कर रहा है...क्या ट्रंप के बयान ने विपक्ष को एक मुद्दा थमा दिया है...सवाल ये भी कि क्या ट्रंप के बयान ने सरकार को असहज कर दिया है?
























