Holi Celebration: 'कोई अति संवेदनशील इलाका नहीं है' होली जश्न पर बोले Sambhal CO Anuj Chaudhary
Holi Celebration: होली, जिसे "रंगों का त्यौहार" कहा जाता है, भारत के सबसे प्रसिद्ध और उत्साहपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्यौहार हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च के महीने में पड़ता है। 2025 में होली 14 मार्च को मनाई जाएगी। यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम, एकता और नई शुरुआत का प्रतीक है। होली का उत्सव दो दिनों तक चलता है। पहले दिन होलिका दहन होता है, जिसमें लोग लकड़ी और उपले जलाकर होलिका की कथा सुनाते हैं। यह प्रतीकात्मक रूप से बुराई के अंत और अच्छाई की जीत को दर्शाता है। दूसरे दिन, लोग एक-दूसरे पर रंग और गुलाल फेंकते हैं, गीत गाते हैं और मस्ती करते हैं। बच्चे और बड़े सभी इस दिन रंगों से सराबोर होकर खुशियां मनाते हैं। होली के दिन लोग पकवान बनाते हैं, जैसे गुझिया, मठरी और ठंडाई, जो इस त्यौहार की मिठास को बढ़ाते हैं। यह त्यौहार सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करता है, क्योंकि लोग अपने मतभेद भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं। 2025 की होली भी उसी उत्साह और उल्लास के साथ मनाई जाएगी, जो हर साल इस त्यौहार को इतना खास बनाती है। यह त्यौहार हमें यह याद दिलाता है कि जीवन रंगों से भरा है, और हमें हर पल का आनंद लेना चाहिए।
























