देश के कई राज्यों में बाढ़-बारिश ने मचाई तबाही
देश के सामने तीन आपदाएं हैं: अर्थव्यवस्था पर आपदा, बेरोजगारी की आपदा और अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ से जुड़ी आपदा। पहली रिपोर्ट भारत में जलबंदी से आई अर्थव्यवस्था पर आपदा का विश्लेषण करती है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, यूपी, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के पहाड़ों और मैदानों के राज्यों में बारिश और बाढ़ से सड़कें, हाईवे, घर और पुलों को नुकसान पहुंचा है। हिमाचल प्रदेश में 20 जून से अब तक 310 मौतें दर्ज की गई हैं और राज्य को ₹2623 करोड़ का नुकसान हुआ है। जम्मू कश्मीर में भी करोड़ों की संपत्ति सैलाब में समा गई और 40 से ज्यादा लोगों की जान गई। 2024 में बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से 1248 लोगों की मौत हुई, जबकि इसी साल आतंकी घटनाओं में 98 लोग मारे गए। 2020 से 2025 तक बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड से देश को ₹1,60,000 करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ है। 1953 से 2020 के बीच कुल नुकसान ₹4,10,000 करोड़ रहा। इस धनराशि से 13 डैम या 1000 से अधिक बाढ़ पूर्वानुमान स्टेशन बनाए जा सकते थे। एक व्यक्ति ने कहा कि लोग अपने घरों से मलबा हटा रहे हैं, और इस नुकसान की भरपाई में कठिनाई है।देश के सामने तीन आपदाएं हैं: अर्थव्यवस्था पर आपदा, बेरोजगारी की आपदा और अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ से जुड़ी आपदा। पहली रिपोर्ट भारत में जलबंदी से आई अर्थव्यवस्था पर आपदा का विश्लेषण करती है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, यूपी, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के पहाड़ों और मैदानों के राज्यों में बारिश और बाढ़ से सड़कें, हाईवे, घर और पुलों को नुकसान पहुंचा है। हिमाचल प्रदेश में 20 जून से अब तक 310 मौतें दर्ज की गई हैं और राज्य को ₹2623 करोड़ का नुकसान हुआ है। जम्मू कश्मीर में भी करोड़ों की संपत्ति सैलाब में समा गई और 40 से ज्यादा लोगों की जान गई। 2024 में बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से 1248 लोगों की मौत हुई, जबकि इसी साल आतंकी घटनाओं में 98 लोग मारे गए। 2020 से 2025 तक बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड से देश को ₹1,60,000 करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ है। 1953 से 2020 के बीच कुल नुकसान ₹4,10,000 करोड़ रहा। इस धनराशि से 13 डैम या 1000 से अधिक बाढ़ पूर्वानुमान स्टेशन बनाए जा सकते थे। एक व्यक्ति ने कहा कि लोग अपने घरों से मलबा हटा रहे हैं, और इस नुकसान की भरपाई में कठिनाई है।

























