शंकराचार्य विवाद में मुगलों की एंट्री..2027 की बिछ गई बिसात?
शंकराचार्य विवाद की शुरुआत मौनी अमावस्या के दिन हुई थी जब वो पालकी पर स्नान करने जा रहे थे, प्रशासन की ओर से पालकी रोकी गई फिर विवाद हुआ और इसके बाद शंकराचार्य की ओर से प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए, आरोप ये लगाया गया कि संन्यासियों के साथ मारपीट की गई, उनका अपमान किया गया, इसके खिलाफ शंकराचार्य ने न सिर्फ स्नान करने से मना किया वो अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए,ये धरना आज भी जारी है...शंकराचार्य विवाद की शुरुआत मौनी अमावस्या के दिन हुई थी जब वो पालकी पर स्नान करने जा रहे थे, प्रशासन की ओर से पालकी रोकी गई फिर विवाद हुआ और इसके बाद शंकराचार्य की ओर से प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए, आरोप ये लगाया गया कि संन्यासियों के साथ मारपीट की गई, उनका अपमान किया गया, इसके खिलाफ शंकराचार्य ने न सिर्फ स्नान करने से मना किया वो अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए,ये धरना आज भी जारी है...




























