जर्जर पुल या सिस्टम, दशकों पुराना पुल दे रहा था हादसे का संकेत तो अब तक सिस्टम क्यों था सोया ?
भारी बारिश के चलते पानी का बहाव तेज हुआ...और लोहे का पुल इंद्रायणी नदी में समा गया... जिस वक्त ये हादसा हुआ...उस वक्त बड़ी संख्या में लोग पुल पर थे... और 20 से ज्यादा लोग पानी में बह गए... आनन-फानन राहत बचाव कार्य शुरू हुआ... और करीब 40 लोगों को बचा लिया गया... दरअसल इस पुल पर ना जाने के लिए बोर्ड भी लगा हुआ था...लेकिन पर्यटक नहीं माने...और पुल पर चले गए... एक सच्चाई ये भी है कि कागजों में ये पुल कई महीने से बंद था...लेकिन फिर भी यहां तक जाने के लिए रास्ते खुले थे... जिसके चलते लोग यहां पहुंच जाते थे...

























