Bihar Politics: 'दलबदली' पर कंचना यादव ने धीरेंद्र कुमार को सुनाई 'खरी-खोटी'! | ABP News
चंद महीनों बाद वहां चुनाव होने हैं...बिहार के सियासी गलियारों में एक सवाल सबसे ऊपर घूम रहा है...चुनाव के बाद बिहार का मुख्यमंत्री कौन बनेगा..किसके सिर सजेगा बिहार का ताज...आरजेडी का दावा स्प्ष्ट है उनकी तरफ से तेजस्वी यादव ही सीएम चेहरा होंगे...लेकिन अगर एनडीए ने बाजी मारी तो बिहार के सीएम की कुर्सी को लेकर एक बार फिर सस्पेंस गहरा गया है...इस सस्पेंस के पीछे है बिहार बीजेपी के बड़े नेता प्रेम कुमार का बयान...जिन्होंने कहा कि चुनाव बाद सभी दल तय करेंगे कि बिहार में सीएम का चेहरा कौन होगा...हालांकि कल डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से लेकर आज बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल कह रहे हैं कि 2025 में भी फिर से नीतीश ही उनका चेहरा होंगे...लेकिन प्रेम कुमार के बयान के बाद सियासी खेमों में सीएफ फेस को लेकर सवाल उठने लगे हैं...खास बात ये है कि खुद नीतीश मौन हैं...लेकिन इससे इतर दूसरा सस्पेंस भी है...वो सस्पेंस है नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सियासत में आने के सवाल पर...जेडीयू से लेकर बीजेपी के बड़े नेता भी कह चुके हैं कि निशांत कुमार को सियासत में आना चाहिए...ये अच्छा कदम होगा...और तो और अब तो तेजस्वी यादव भी कह रहे हैं कि निशांत को आकर जेडीयू को संभालना चाहिए...वो आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी जेडीयू को खत्म करने की साजिश रच रही है इसलिए निशांत को आना चाहिए...खास बात ये भी है कि तेजस्वी, नीतीश को ओल्ड मॉडल और खटारा कह रहे है लेकिन निशांत उनके लिए दुलारा बने हुए हैं...उनकी तारीफ में जुटे हैं....निशांत को जेडीयू का संकटमोचक बता रहे हैं...आखिर क्यों इस पर भी बात करेंगे...जानने का प्रयास करेंगे कि आखिर आरजेडी निशांत की तरफदारी क्यों कर रही है
























