8 Opposition MPs Suspension: Lok Sabha में 'No Entry', Congress और Left के सांसदों की बढ़ी मुश्किलें!
संसद के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच का गतिरोध एक नए और तीखे मोड़ पर पहुँच गया है। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा से निलंबित किए गए आठ सांसदों—जिनमें सात कांग्रेस और एक लेफ्ट पार्टी से हैं—का निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा। यह निर्णय उस समय सामने आया है जब सदन के भीतर अन्य मुद्दों पर गतिरोध समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन सरकार अनुशासन के मुद्दे पर झुकने को तैयार नहीं दिख रही। इन सांसदों पर सदन की कार्यवाही के दौरान कागज फाड़कर चेयर की तरफ उछालने और अमर्यादित आचरण करने का आरोप है, जिसके चलते उन्हें पूरे बजट सत्र के लिए सदन से बाहर कर दिया गया है। इस कठोर कार्रवाई के विरोध में निलंबित सांसद और उनके साथी विपक्षी नेता संसद के मकर द्वार को अपना मुख्य मोर्चा बना चुके हैं। प्रदर्शनकारी सांसद बैनर और पोस्टरों के साथ संसद की सीढ़ियों पर बैठकर लगातार नारेबाजी कर रहे हैं, जिससे सदन परिसर का सियासी तापमान बढ़ गया है। विपक्ष का तर्क है कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने की कोशिश है, जबकि सरकार इसे सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए एक कड़ा संदेश मान रही है। पीयूष गोयल जैसे वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी के बीच मकर द्वार पर हो रहा यह भारी विरोध प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर यह टकराव और गहरा सकता है।






























