Dhurandhar The Revenge Review: आदित्य धर ने फिर जीता दिल, सिनेमा का अंदाज बदल देने वाली फिल्म, रणवीर का करियर बेस्ट
Dhurandhar The Revenge Review: 'धुरंधर' की जबरदस्त कामयाबी के बाद इस फिल्म की हाइप इतनी जबरदस्त है कि रिलीज़ से पहले फिल्म के पेड़ प्रीव्यू से ही करोड़ों की कमाई हो गई वो भी तब जब टिकट महंगे थे.
आदित्य धर
रणवीर सिंह, सारा अर्जुन, राकेश बेदी, अर्जुन रामपाल, दानिश इकबाल
थिएटर
कुछ फिल्में सिर्फ फिल्में नहीं होतीं, मूवमेंट बन जाती हैं और 'धुरंधर' यही है. पहले पार्ट की जबरदस्त कामयाबी के बाद इस फिल्म की हाइप इतनी जबरदस्त है कि हाल के सालों में याद नहीं किसी फिल्म के लिए इतना क्रेज दिखा हो. रिलीज़ से पहले फिल्म के पेड़ प्रीव्यू से ही करोड़ों की कमाई हो गई वो भी तब जब टिकट महंगे थे. इससे पता चलता है कि लोगों को हर हाल में ये फिल्म देखनी है और जल्द से जल्द देखनी है. क्या ये फिल्म अपनी हाइप जितनी जबरदस्त है? पढ़िए पूरा रिव्यू:
क्या है कहानी?
इस बार कहानी पीछे जाती है. इस बार कहानी में बदला है और इसलिए नाम भी है 'धुरंधर द रिवेंज'. जसकीरत सिंह रंगी कैसे हमजा अली मजारी बना, कैसे उसकी ट्रेनिंग हुई, इस कहानी को आदित्य धर ने पूरी डिटेलिंग के साथ दिखाया है, पाकिस्तान की राजनीति, वहां कैसे आतंकवाद की ट्रेनिंग होती है, ये बड़े कायदे से दिखाया गया है.
कैसी है फिल्म?
ये कमाल की फिल्म है. पहले फ्रेम से फिल्म अपना मूड बता देती है. दर्द को हौंसले का ईंधन चाहिए होता है बदला लेने के लिए और वो ईंधन हर एक में नहीं होता. बस इसी डायलॉग से फिल्म की शुरुआत होती है और फिल्म इस पर खरी उतरती है. करीब 4 घंटे लंबी होने के बाद भी ये आपको बांधकर रखती है. एक- एक फ्रेम पर मेहनत की गई है. छोटी से छोटी बात का ध्यान रखा गया है. कहानी को कमाल तरीके से जोड़ा गया है. हर किरदार अपना काम बखूबी करता है और ऐसा एक भी किरदार नहीं जो आपको एकस्ट्रा लगेगा या जिसकी जरूरत नहीं लगेगी और 1 भी किरदार ऐसा नहीं जिसे ज्यादा या कम स्पेस दिया गया हो. फिल्म में जबरदस्त एक्शन है, वायलेंस भी नेक्स्ट लेवल पर है, इस तरह का वायलेंस इससे पहले किसी फिल्म में नहीं दिखा. कुछ सीन तो बहुत खतरनाक हैं, आपको आंखे बंद करनी पड़ सकती हैं.
म्यूज़िक का इस्तेमाल कायदे से किया गया है. इस बार भी पुराने गानों का बड़ी खूबसूरती से इस्तेमाल किया गया है. बड़े साहब वाला सरप्राइज़ भी शॉकिंग है. ये फिल्म एक एक्सपीरियंस है, जो आपको याद रह जाएगा. पहले पार्ट की तरह इस पार्ट को भी लोग बार बार देखेंगे. रिसर्च काफी अच्छी है, फिल्म का फर्स्ट हाफ बहुत ज्यादा कमाल का है. लेकिन सेकेंड हाफ की शुरुआत में फिल्म थोड़ी फीकी पड़ जाती है. ऐसा लगता है जैसे पुरानी सरकार की आलोचना और नई सरकार की तारीफ बड़े खुले तरीके से की जा रही है. मोदी जी के कई फैसले दिखाए जाते हैं जो कहीं कहीं थोड़ा जबरदस्ती डाले गए लगते हैं. ऐसा पहले पार्ट में नहीं था. इसके बाद फिल्म पेस पकड़ती है लेकिन फिल्म की लंबाई आपको थोड़ा सा अखरती है. VFX भी VFX जैसे महसूस होते हैं जो पहले पार्ट में नहीं हुए थे, लेकिन ये सब बहुत छोटी कमियां हैं. फिल्म में कई सरप्राइज़ हैं जो आप थिएटर जाकर देखिएगा. क्लाइमैक्स आपको बहुत चौंका देगा. ऐसी फिल्में सिनेमा बनाने और देखने का तरीका बदलती हैं और इन फिल्मों को सिनेमा हॉल जाकर जरूर एक्सपीरियंस करना चाहिए.
कैसी है एक्टिंग?
रणवीर सिंह ने अपने करियर का बेस्ट दिया है. आप 'पद्मावत' का 'खिलजी' भूल जाएंगे. इस किरदार में रणवीर ने अपनी जान लगा दी है. उन्होंने हर छोटी छोटी डिटेल पर काम किया है. इस किरदार से रणवीर ने अपने लिए बहुत बड़ी लकीर खींच दी है. उन्होंने शरीर के हर हिस्से से एक्टिंग की है. अर्जुन रामपाल बहुत खूंखार लगे हैं, ऐसा किरदार उन्होंने पहले नहीं निभाया. माधवन ने फिर साबित किया है कि वो हर रोल में चौंका सकते हैं और उनके पास अभी नया करने को काफी कुछ है. संजय दत्त ने भी कमाल कर दिया है. सारा अर्जुन ने बता दिया है कि वो बहुत आगे जाने वाली हैं, उनका काम जबरदस्त है. राकेश बेदी आपको एक बार फिर हैरान कर देंगे. दानिश इकबाल का काम कमाल है.
राइटिंग और डायरेक्शन कैसा है?
आदित्य धर असली धुरंधर हैं, ये बात उन्होंने साबित कर दी है. उनकी राइटिंग में एक अलग ही बात है, एक अलग ही धार है. हर सीन को कैसे खास बनाना है, इसकी आदित्य ने कमाल मिसाल पेश की है. उनके डायरेक्शन की तो जितनी तारीफ की जाए कम है. उनकी डिटेलिंग जबरदस्त है, आपको ऐसा लगता है आप पाकिस्तान में ही हैं.
म्यूज़िक के बारे में
शाश्वत सचदेव ने इस बार भी म्यूजिक में नए एक्सपेरिमेंट किए हैं. फिल्म में ये गाने गजब का असर डालते हैं और मजा आता है.
कुल मिलाकर ये फिल्म हर हाल में थिएटर में देखिए.
रेटिंग - 4 स्टार्स




























