Dhurandhar: The Revenge | Omar Haider को 1000 Cr होने पर Sanjay Dutt ने क्या बोला?
इस बातचीत में एक्टर Aditya Uppal बताते हैं कि फिल्म का सेट ज्यादातर बहुत प्रोफेशनल था और वहां मस्ती-मजाक या प्रैंक्स जैसा माहौल नहीं होता था। फिल्म का शेड्यूल काफी लंबा था, करीब 200 दिनों तक चला, हालांकि उनका खुद का शूट 20–22 दिनों का था जो कई महीनों में अलग-अलग दिनों में हुआ। इस वजह से कैरेक्टर में लगातार बने रहना और लंबे गैप के बाद फिर उसी रोल में लौटना कभी-कभी फिजिकल और मेंटल थकान भी देता था। फिर भी सेट पर कोई खास स्ट्रेस नहीं था क्योंकि प्रोडक्शन टीम ने माहौल को आरामदायक और व्यवस्थित रखा था। आगे वह बताते हैं कि असली मस्ती शूट के दौरान नहीं बल्कि फिल्म की सक्सेस के बाद हुई। शूट के समय सभी का फोकस सिर्फ काम पर था और वे चाहते थे कि पहले ऑडियंस फिल्म को पसंद करे, उसके बाद ही जश्न मनाया जाए। खास तौर पर संजय दत्त के साथ काम करने का अनुभव उनके लिए बहुत खास रहा, उनका स्टाइल, चलने-बोलने का तरीका और स्क्रीन प्रेजेंस बहुत अलग और नैचुरल है। यहां तक कि उनके डायलॉग या गालियां देने का अंदाज़ भी इतना असली लगता था कि कई बार हंसी छूट जाती थी, क्योंकि उसमें एक अलग ही स्वैग और सहजता दिखती है






























