Premanand Ji Maharaj के साथ अपनी मुलाकात पर क्या बोले Ashutosh Rana | Premanand Ji Maharaj Pravachan
यह विशेष बातचीत Ashutosh Rana की उस spiritual experience को सामने लाती है, जब उनकी मुलाकात पूज्य Premanand Ji Maharaj से हुई. Ashutosh Ji बताते हैं कि भारतीय परंपरा में truth तक पहुंचने के दो प्रमुख मार्ग हैं ज्ञान मार्ग और भक्ति मार्ग. ज्ञान मार्ग practice और hard work पर आधारित है, जबकि भक्ति मार्ग worship और complete surrender का मार्ग है. उनके अनुसार, Premanand Ji Maharaj भक्ति मार्ग के प्रतीक हैं, जहां समर्पण इतना गहरा होता है कि साधक stress-free हो जाता है और जीवन की complexities automatically सुलझने लगती हैं.
Ashutosh Rana यह भी share करते हैं कि संतों की vision और positive energy जीवन को भीतर से शुद्ध करती है, ठीक वैसे ही जैसे sanitizer बाहरी अशुद्धियों को दूर करता है. वे words और mantra power पर जोर देते हुए कहते हैं कि जिस intensity से हम नकारात्मक शब्दों से प्रभावित होते हैं, उसी शिद्दत से यदि नाम और मंत्र का chanting करें तो वह miracle कर सकता है.
Premanand Ji Maharaj का कष्टों के बीच भी आनंदित रहना भक्ति, नाम और समर्पण की incredible power को दर्शाता है.


























