NATURAL DISASTER ALERT: ग्लेशियर पिघलने से बढ़ सकता है खतरा, भारत में अलर्ट! |ABPLIVE
आज बात एक ऐसी चेतावनी की, जो अगर सच हुई तो हिमालयी क्षेत्रों में भारी तबाही मचा सकती है। पहाड़ों से लगातार आ रही नदियां और खूबसूरत बर्फ की चादरें अब एक बहुत बड़े खतरे में बदल रही हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) से लेकर पर्यावरण विशेषज्ञों तक ने एक बहुत ही गंभीर चेतावनी दी है—आने वाले सालों में हिमालयी क्षेत्रों को भयानक 'ग्लेशियल फ्लड' यानी ग्लेशियर फटने और बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है। और सबसे डराने वाली बात यह है कि हमारे अपने देश भारत में, बद्रीनाथ धाम के करीब और उत्तराखंड की घाटियों में लगभग 900 ऐसे ग्लेशियर मौजूद हैं, जो कभी भी टूटकर तबाही ला सकते हैं। इन्हें विज्ञान की भाषा में कहा जाता है—'हैंगिंग ग्लेशियर' (Hanging Glaciers) या लटकते हुए ग्लेशियर। आइए आपको बताते हैं कि आखिर यह खतरा कितना बड़ा है और क्यों विशेषज्ञ इसे भारत के लिए 'टाइम बम' कह रहे हैं! ग्लोबल वॉर्मिंग और लगातार बदलते मौसम ने हमारे पहाड़ों का संतुलन बिगाड़ दिया है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और पर्यावरण वैज्ञानिकों ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें साफ कहा गया है कि हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर बहुत तेजी से पिघल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, तापमान बढ़ने के कारण ग्लेशियरों के पिघलने की दर अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। इससे पहाड़ों पर विशालकाय झीलें बन रही हैं, जिन्हें 'ग्लेशियल लेक' कहा जाता है। जब इन झीलों में पानी हद से ज्यादा भर जाता है, तो ये अचानक फट जाती हैं और चंद मिनटों में नीचे बसे गांवों और शहरों को बहा ले जाती हैं।






















