रेलवे ने कश्मीर को दी बड़ी सौगात, 1 मार्च से श्रीनगर-जम्मू के बीच चलेगी 20 कोच वाली वंदे भारत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार श्रीनगर-जम्मू रूट पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन 7 स्टेशनों पर रुकेगी. इससे बीच के इलाकों के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा.

जम्मू कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. 1 मार्च से श्रीनगर और जम्मू के बीच सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा शुरू होने जा रही है. अब तक यह ट्रेन केवल कटरा और श्रीनगर के बीच चल रही थी, लेकिन अब इसे जम्मू तक बढ़ाया जा रहा है. वहीं आने वाले समय में इस लाइन को और आगे बढ़कर नई दिल्ली से भी सीधे जोड़ने की योजना है. इस नई सेवा के शुरू होने से जम्मू क्षेत्र और कश्मीर घाटी के बीच यात्रा काफी आसान हो जाएगी. फिलहाल जम्मू से सफर करने वाले यात्रियों को पहले कटरा तक अलग से जाना पड़ता था और वहां से ट्रेन पकड़नी होती थी. लेकिन अब मान जा रहा है कि सीधे जम्मू से ट्रेन चलने पर समय की बचत होगी और सफर भी ज्यादा सुविधाजनक बनेगा.
सात स्टेशनों पर रुकेगी श्रीनगर-जम्मू वंदे भारत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार श्रीनगर-जम्मू रूट पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन 7 स्टेशनों पर रुकेगी. इससे बीच के इलाकों के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा. वहीं यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रेन की रेक संरचना में भी बदलाव किया गया है. पहले जहां 8 कोच की योजना थी, अब इसे बढ़ाकर 20 कोच किया गया है. रेलवे का मानना है कि पर्यटन सीजन और छुट्टियों के दौरान इस रूट पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है, ऐसे में एक्स्ट्रा कोच जरूरी थे
सेवा में देरी क्यों हुई?
जम्मू-श्रीनगर सेवा पहले से शुरू की जानी थी, लेकिन जम्मू रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण और विस्तार कार्य के कारण इसे टाल दिया गया था. वहीं स्टेशन पर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और बढ़ते यात्री दबाव को संभालने के लिए यहां काम किया जा रहा था. अब निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और संचालन की तैयारी भी अंतिम चरण है, ऐसे में इस सेवा को अब 1 मार्च से शुरू किया जा सकता है.
घाटी की कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
माना जा रहा है कि इस रेलवे की इस नई सेवा के शुरू होने से कश्मीर घाटी की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी. बेहतर रेल सुविधा से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. वहीं वर्तमान में जम्मू से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को कटरा पहुंचने के लिए वैकल्पिक परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसके बाद वे ट्रेन से अपनी यात्रा कर सकते थे. एक बार यह सेवा चालू हो जाने पर, इस सीधी सेवा से यात्रा का समय कम होने और सभी सुविधा में सुधार होने की उम्मीद है.
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Source: IOCL


























