PMVY: क्या आप भी उठा सकते हैं पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ? जानें कौन कर सकता है आवेदन
PM Vishwakarma Scheme: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में कारीगरों को ट्रेनिंग, आर्थिक सहायता और कम ब्याज पर लोन मिलता है, जिससे वे अपने पारंपरिक हुनर को बढ़ाकर कारोबार और आय बढ़ा सकते हैं.

PM Vishwakarma Yojana Benefits: अगर आप भी किसी पारंपरिक हुनर या कारीगरी से जुड़े हैं और अपना काम बढ़ाने के लिए सरकारी मदद चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है.
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को ट्रेनिंग, आर्थिक सहायता और कम ब्याज दर पर रकम जैसी कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं, ताकि वह अपने कारोबार को आधुनिक बनाकर आय बढ़ा सकें. आइए जानते हैं इस योजना का लाभ किन लोगों को मिलेगा और इसके तहत क्या-क्या फायदे मिलेंगे.
योजना से जुड़ने पर मिलते हैं ये फायदे
इस योजना के तहत अगर कोई पात्र लाभार्थियों इससे जुड़ता है तो पहले उसे कुछ दिनों तक एडवांस ट्रेनिंग दिया जाता है. ट्रेनिंग के दौरान हर दिन 500 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाता है, ताकि ट्रेनिंग की वजह से समय की बर्बादी न हो और उनकी आय प्रभावित न हो. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि लाभार्थियों को अपना खुद का काम शुरू करने और बढ़ाने के लिए कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा भी मिलती है.
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कितना मिलता है लोन?
इस योजना के जरिए सबसे पहले लाभार्थियों 1 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है, जिसे महीने में चुकाना होता है. अगर आप पहला लोन समय पर चुका देते हैं, तो दूसरी दफा आपको 2 लाख रुपये तक का अतिरिक्त लोन मिल सकता है, जिसकी पेमेंट अवधि 30 महीने में होती है. इस योजना के तहत आप अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं.
किन लोगों को मिलता है योजना का लाभ?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PMVY) के तहत कई तरह पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है. इनमें पत्थर तोड़ने वाले, नाई यानी बाल काटने वाले, लोहार, मोची, राजमिस्त्री, मूर्तिकार, ताला बनाने वाले, धोबी, दर्जी, मालाकार, टोकरी, चटाई और झाड़ू बनाने वाले, फिशिंग नेट निर्माता, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, खिलौना निर्माता, और अन्य पारंपरिक कारीगरों को शामिल किया गया है.


























