बच्चों के हाथ में डिजिटल कैश? टीनएज पेमेंट ऐप्स इस्तेमाल करने से पहले पैरेंट्स जरूर पढ़ें गाइड
Digital Payment: टीनएजर्स तेजी से डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे है. जिससे टीनएज पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल भी बढ़ गया है. ये ऐप्स बच्चों को दायरे में पैसे इस्तेमाल करने की सुविधा देते हैं.

- अत्यधिक खर्च, धोखाधड़ी से बचाव हेतु अभिभावकीय निगरानी आवश्यक।
Digital Payment: आज के समय में ज्यादातर बच्चे और टीनएजर्स नकद पैसे रखने के बजाय डिजिटल पेमेंट का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं. खाना ऑर्डर करना हो कहीं आने जाने का किराया देना हो दोस्तों के साथ पैसे शेयर करने हों या ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो अब ज्यादातर काम मोबाइल से ही हो जाते हैं. इसी वजह से बाजार में ऐसे कई फिनटेक प्रोडक्ट्स आए हैं जिन्हें खास तौर पर कम उम्र के यूजर्स के लिए तैयार किया गया है. इनका उद्देश्य बच्चों और टीनएजर्स को डिजिटल पेमेंट की सुविधा देना है ताकि वे अपनी रोजमर्रा की छोटी जरूरतों के लिए आसानी से भुगतान कर सकें.
टीनएज पेमेंट ऐप्स को चुन रहे है पेरेंट्स
ज्यादातर ऐसे प्लेटफॉर्म माता-पिता को यह सुविधा देते हैं कि वे बच्चों के अकाउंट में जरूरत के मुताबिक पैसे भेज सकें. साथ ही बच्चे कहां खर्च कर रहे हैं और कितना खर्च कर रहे हैं इसकी जानकारी भी देखी जा सकती है. कई ऐप्स में खर्च की सीमा तय करने और कुछ पेमेंट्स पर माता-पिता की मंजूरी जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं. अगर आसान भाषा में समझें तो ये ऐप्स बच्चों को डिजिटल तरीके से पैसे इस्तेमाल करने की सुविधा देते हैं लेकिन पूरा नियंत्रण उनके हाथ में नहीं होता. यही वजह है कि कई परिवारों को यह तरीका नकद पैसे देने या सीधे बैंक अकाउंट की सुविधा देने से ज्यादा सुविधाजनक लगता है.
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पेटीएम पॉकेट मनी और यूपीआई का बदलाव
हाल ही में इस कैटेगरी में Paytm Pocket Money भी शामिल हुआ है. यह सुविधा NPCI के UPI Circle फ्रेमवर्क पर आधारित है. इसके जरिए कम उम्र के यूजर्स सीमित दायरे में UPI पेमेंट कर सकते हैं, जबकि उनकी गतिविधियों पर माता-पिता की नजर बनी रहती है. इस फीचर की खास बात यह है कि बच्चों के लिए अलग बैंक अकाउंट खोलना जरूरी नहीं होता. माता-पिता उन्हें जरूरत के हिसाब से UPI इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकते हैं.
काफी फेमस है ये ऐप
FamApp ने शुरुआत से ही टीनएजर्स और युवा यूजर्स को ध्यान में रखकर अपनी सेवाएं तैयार की थीं. यही वजह है कि कम समय में यह ऐप काफी लोकप्रिय हो गया. प्रीपेड कार्ड की सुविधा के साथ-साथ इसका आसान और युवाओं को पसंद आने वाला इंटरफेस भी लोगों को पसंद आया. इस ऐप की मदद से टीनएजर्स ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हैं. वहीं माता-पिता भी उनके पैसों के इस्तेमाल पर नजर रख सकते हैं.
Junio और Akudo जैसी ऐप्स का फोकस
कुछ ऐप्स सिर्फ पेमेंट तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि बच्चों को पैसों की समझ भी सिखाने पर ध्यान देते हैं. Junio और Akudo जैसे प्लेटफॉर्म इसी तरह काम करते हैं. इनमें प्रीपेड खर्च के साथ-साथ बच्चों के लिए बजट बनाने, खर्च को समझने और सेविंग की आदत डालने वाली सुविधाएं भी मिलती हैं. इन ऐप्स में कई चीजें गेम की तरह बनाई गई हैं ताकि बच्चे आसानी से सीख सकें कि पैसे कैसे मैनेज करने हैं और कहां कितना खर्च करना सही है.
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ध्यान देने वाली बातें
एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार डिजिटल पेमेंट करने से बच्चों में कैश खर्च करने वाला एहसास धीरे धीरे कम हो जाता है. जब पैसे हाथ से निकलते हैं तो उसका असर ज्यादा महसूस होता है लेकिन QR कोड या एक क्लिक पेमेंट में छोटे छोटे खर्च भी ध्यान में नहीं आते. अगर माता पिता की निगरानी कम हो जाए तो बच्चे बिना सोचे समझे खर्च करने लगते हैं.
कई बार गेमिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और छोटे छोटे पेमेंट्स पर जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च हो जाता है. इसके साथ ही डिजिटल फ्रॉड का खतरा भी रहता है. जल्दी डिजिटल पेमेंट शुरू करने वाले टीनएजर्स को फर्जी लिंक, फिशिंग स्कैम और ऑनलाइन ठगी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए इन ऐप्स के साथ माता पिता की मौजूदगी और समझदारी बहुत जरूरी मानी जाती है.























