EPFO Pension: विदेश में नौकरी से क्या डूब जाएगा EPS का पैसा? जानें PF और पेंशन के नए नियम
Employee Pension Scheme: विदेश में नौकरी करने से EPS पेंशन पर असर नहीं पड़ता. EPFO और सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट के नियमों के तहत कुछ देशों की सेवा EPS पात्रता में जोड़ी जा सकती है.

EPS Pension Rules: अगर आपने भारत में कुछ साल नौकरी की है और नौकरी के दौरान आपने EPF और EPS में निवेश किया है. लेकिन कुछ साल बाद आप विदेश में काम करने चले गए हैं, तो ऐसे में आपके मन में भी यह ख्याल जरूर आया होगा कि क्या विदेश में नौकरी करने पर इसका असर हमारे EPS पेंशन पर पड़ेगी. ऐसे में अच्छी बात यह है कि अगर आप भारत से विदेश जाकर जॉब करने लगते हैं तो इसका असर आपके EPS पर नहीं पड़ेगा. लेकिन इसके लिए आपको EPFO और भारत के सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट (SSA) से जुड़े कुछ नियमों को पहले समझना जरूरी है.
अगर आपकी भारत में नौकरी के दौरान 10 साल से कम की EPS सेवा है, तो कुछ देशों में की गई नौकरी को भी पात्रता के लिए जोड़ी जा सकता है. आइए जानते हैं इससे जुड़े जरूरी अहम नियम के बारे में विस्तार से...
EPS पेंशन के लिए क्या हैं नियम?
- EPS पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल की योगदान वाली सेवा जरूरी होती है.
- यानी वह अवधि है, जिसमें आपके EPF और EPS में नियमित रकम जमा हुआ हो.
- अगर भारत में 10 साल की सेवा पूरी नहीं हुई है, तो कुछ मामलों में पेंशन की पात्रता नहीं बनती है.
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विदेश की नौकरी कब आएगी काम?
- यह सुविधा सिर्फ उन देशों के लिए है, जिनके साथ भारत का SSA है.
- इसे टोटलाइजेशन (Totalization) कहा जाता है.
- यानी अगर आपने भारत में 7 साल और SSA वाले देश में 4 साल नौकरी की है, तो कुल 11 साल की सेवा मानकर पात्रता पूरी हो सकती है.
- इससे आप EPS पेंशन के लिए योग्य बन सकते हैं.
पेंशन की रकम कैसे तय होगी?
- आपके EPS पेंशन की गणना सिर्फ भारत में की गई योगदान वाली सेवा के आधार पर होगी.
- यानी अगर भारत में 7 साल और विदेश में 4 साल सेवा है, तो पेंशन की राशि सिर्फ 7 साल की भारतीय सेवा के आधार पर मिलेगी.
- विदेश में की गई सेवा पेंशन की रकम नहीं बढ़ाती.
विदेश में रहने पर क्या पेंशन बंद हो जाएगी?
- अगर आपकी EPS पेंशन शुरू हो चुकी है, तो विदेश में जा कर रहने या नौकरी करने से उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
- चाहे आपने 50 साल की उम्र में अर्ली पेंशन शुरू की हो या 58 साल में नियमित पेंशन, दोनों ही मामलों में आपको पेंशन मिलती रहेगी.
- ऐसे में आप भारत में रहें या दुनिया के किसी दूसरे देश में, EPS पेंशन आपके जीवनभर जारी रहेगी.
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