Train News: इस रेल से सफर करना होगा अब और महंगा, किराए पर आया अपडेट, क्यों बढ़ेंगे टिकट के दाम?
MMRDA News: मुंबई मोनोरेल नौ महीने बाद फिर शुरू होगी, लेकिन घाटे और बढ़ते खर्च के कारण MMRDA किराया बढ़ाने पर विचार कर रहा है, जिससे यात्रियों की जेब पर असर पड़ सकता है.

Mumbai Monorail Service: मुंबई की मोनोरेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. काफी लंबे समय से बंद पड़ी मोनोरेल सेवा अब दोबारा पटरी पर लौटने जा रही है, लेकिन यात्रियों को राहत के साथ जेब पर भारी बोझ भी उठाना पड़ सकता है. घाटे में चल रही मोनोरेल सेवा को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए किराए में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA)की ओर से किराए में बदलाव पर विचार कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार ने नई रेलगाड़ियों की लागत, रखरखाव और नई ट्रेनों की खरीद पर बढ़ते खर्च को देखते हुए किराया बढ़ाने की जरूरत महसूस कर रही है.
क्यों बढ़ सकता है मोनोरेल का किराया?
मुंबई मोनोरेल को काफी लंबे समय से आर्थिक नुकसान और तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. बार-बार तकनीकी खराबी, सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं और परिचालन परेशानियों के कारण 20 सितंबर 2025 को मुंबई मोनोरेल की सेवा रोक दी गई थी.
निलंबन के दौरान ट्रेनों के बेड़े में सुधार, पटरियों की मरम्मत और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाने जैसे कई काम किए गए. इसके अलावा नई ट्रेन रेक खरीदने पर भी बड़ी रकम खर्च की गई है. सरकार का कहना है कि इन खर्चों को संभालने और सेवा को बेहतर बनाए रखने के लिए किराया बढ़ाना जरूरी है.
नए किराए में क्या बदलाव प्रस्तावित है?
अगर महाराष्ट्र सरकार किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो 2014 में मोनोरेल के परिचालन शुरू होने के बाद यह दूसरी बार यात्रियों को ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है. इससे इसका किराया मुंबई मेट्रो के किराए के करीब पहुंच सकता है.
प्रस्तावित किराया व्यवस्था के मुताबिक, 3 किलोमीटर तक की यात्रा का न्यूनतम किराया 5 रुपये से बढ़कर 10 रुपये किया जा सकता है. वहीं, 18 किलोमीटर या उससे ज्यादा दूरी के लिए अधिकतम किराया 70 रुपये के करीब तक रखा जा सकता है.
घाटे से जूझ रही है मोनोरेल सेवा
मोनोरेल को लगातार वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है. आलोचक इसे कई बार सफेद हाथी जैसी परियोजना भी कहते रहे हैं, क्योंकि इसकी लागत बहुत ज्यादा है और कमाई कम रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में परियोजना को करीब ₹460.26 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा हुआ. हैदराबाद स्थित मेधा सर्वो ड्राइव्स से नई ट्रेन रेक की खरीद और रखरखाव खर्च को इसकी बड़ी वजह बताया गया है.
हालांकि, सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद सेवा आधिकारिक रूप से दोबारा शुरू होने की उम्मीद है. संचालन शुरू करने से पहले महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग की अंतिम मंजूरी का इंतजार है.
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