12 लाख सालाना सैलरी से भी बन सकता है 5 करोड़ का फंड, जानिए SIP का पूरा गणित
Retirement Planning: 12 लाख सालाना सैलरी पर भी 30 साल में 5 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड बनाया जा सकता है. EPF और स्टेप-अप SIP के जरिए करीब 5 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट कॉर्पस बनाया जा सकता है.

Retirement Planning: क्या 12 लाख रुपये सालाना कमाने वाला व्यक्ति रिटायरमेंट तक 5 करोड़ रुपये का फंड तैयार कर सकता है? पहली नजर में यह मुश्किल लग सकता है, लेकिन सही रणनीति, नियमित निवेश और कंपाउंडिंग की ताकत से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र से रिटायरमेंट की तैयारी शुरू करता है और 60 साल तक लगातार निवेश करता है, तो 5 करोड़ का फंड बनाया जा सकता है.
सिर्फ EPF से कितना फंड तैयार होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी की सालाना सैलरी 12 लाख रूपये है और कर्मचारी तथा कंपनी दोनों केवल 15000 रूपये की वैधानिक वेतन सीमा के आधार पर 12-12 फीसदी EPF में योगदान करते है, तो हर महीने कुल 3600 रुपये EPF में जमा होंगे.
अगर EPF पर सालाना 8.25 फीसदी ब्याज मिलता रहे और यह निवेश 30 सालों तक चलता रहे,तो रिटायरमेंट के समय करीब 57 लाख रूपये का फंड तैयार हो सकता है. यह उदाहरण नए टैक्स रिजीम को ध्यान में रखकर दिया गया है.
हालांकि, अगर कर्मचारी और नियोक्ता दोनों कर्मचारी के बेसिक वेतन (CTC का 50 फीसदी मानकर) का 12-12 फीसदी EPF में जमा करें, तो कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी घटकर करीब 88 हजार रुपये प्रति माह रह जाएगी. लेकिन इसका फायदा लंबी अवधि में मिलेगा. Moneycontrol के मुताबिक, ऐसी स्थिति में सिर्फ EPF से ही 30 साल बाद करीब 1.9 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो सकता है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वास्तविक राशि वेतन संरचना, हर साल मिलने वाली वेतन वृद्धि और भविष्य में EPF की ब्याज दर के आधार पर अलग हो सकती है.
5 करोड़ तक पहुंचने के लिए SIP कैसे करेगी मदद?
अगर EPF से करीब 1.9 करोड़ रूपये मिलते हैं, तो 5 करोड़ रूपये के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगभग 3.1 करोड़ रुपये की जरुरत होगी.
moneycontrol के अनुसार, इस कमी को स्टेप-अप SIP के जरिए पुरा किया जा सकता है. इसमें निवेशक करने पर हर साल आपकी आय बढ़ने के साथ SIP की राशी भी बढ़ती है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति अपनी मासिक इन-हैंड सैलरी का सिर्फ 5 फीसदी, यानी करीब 4,000 से 5,000 रुपये प्रति माह SIP में निवेश करना शुरू करे और हर साल इस निवेश को 8 से 10 फीसदी बढ़ाए, तो 30 साल में बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार किया जा सकता है.
अगर SIP पर औसतन 11 से 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है, तो यही निवेश 3.1 करोड़ से 3.5 करोड़ रुपये तक का फंड बना सकता है.
स्टेप-अप SIP क्यों मानी जाती है बेहतर रणनीति?
रिपोर्ट के अनुसार, स्टेप-अप SIP की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निवेशक की शुरुआत कम रकम से भी कर सकते है. जैसे-जैसे उसकी सैलरी बढ़ती है, वैसे-वैसे निवेश भी बढ़ता जाता है. इससे मासिक बजट पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा भी मिलता है.
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
Moneycontrol से बातचीत में jUMPP के CEO सर्वजीत सिंह वीरक ने कहा कि रिटायरमेंट प्लानिंग सिर्फ बड़ा फंड बनाने तक सीमित नहीं है. निवेश शुरू करने से पहले 6 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड तैयार करना, पर्याप्त हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस लेना और ज्यादा ब्याज वाले कर्ज से बचना भी जरूरी है.
उन्होंने कहा कि समय-समय पर अपने निवेश की समीक्षा करना, पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर AI आधारित फाइनेंशियल प्लानिंग टूल्स की मदद लेना भी फायदेमंद हो सकता है.
क्या है सबसे बड़ी सीख?
विशेषज्ञों का मानना है कि रिटायरमेंट के लिए बड़ी रकम जुटाने का सबसे असरदार तरीका जल्दी शुरुआत करना, नियमित निवेश जारी रखना और हर साल निवेश की राशि बढ़ाना है. बाजार में सही समय का इंतजार करने के बजाय अनुशासित निवेश लंबे समय में बेहतर परिणाम दे सकता है.






















