2011 की आग का इंसाफ, कोर्ट के आदेश पर रेस्टोरेंट मालिक को बीमा कंपनी देगी 51 लाख
दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में साल 2011 में आग लग गई थी, जिसमें रेस्टोरेंट के पुराने बिल और जरूरी दस्तावेज जल गए थे, जिसके बाद उपभोक्ता फोरम ने मामले में बीमा कंपनी को 51 लाख रुपये देने का आदेश दिया है.

दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 2011 में आग से तबाह हुए राजौरी गार्डन के एक रेस्टोरेंट के बीमा दावे पर फैसला सुनाया है. आयोग ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को रेस्टोरेंट मालिक वरुण अग्रवाल को 51.12 लाख रुपये देने का निर्देश दिया है. इस रकम पर 6 प्रतिशत ब्याज देना होगा.
मामला टांबा इंडियन कुजीन रेस्टोरेंट से जुड़ा है. 4 मई 2011 को रेस्टोरेंट में आग लग गई थी, जिससे फर्नीचर, फिटिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन और स्टॉक क्षतिग्रस्त हो गए. रेस्टोरेंट का एक करोड़ रुपये का बीमा कराया गया था.
आग लगने के बाद क्या हुआ?
आग की सूचना दमकल विभाग को दी गई थी. बीमा कंपनी ने नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेयर नियुक्त किए. रेस्टोरेंट मालिक के अनुसार, आग में मूल बिल भी नष्ट हो गए थे. बाद में उन्होंने सप्लायर्स से प्रमाणित बिलों की प्रतियां सर्वेयर को दीं.
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बीमा कंपनी ने 2012 में दो किस्तों में करीब 17.68 लाख रुपये का भुगतान किया. हालांकि, मालिक ने इस निपटारे पर आपत्ति जताई और कहा कि नुकसान की पूरी भरपाई नहीं की गई. उनका आरोप था कि क्षतिग्रस्त सामान पर 75 प्रतिशत तक मूल्यह्रास लगाया गया.
बीमा कंपनी का कहना
सर्वेयर में नुकसान करीब 7.17 लाख रुपये आंका था और भुगतान को अंतिम निपटारा माना गया. कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान से जुड़ी पॉलिसी होने के कारण शिकायतकर्ता उपभोक्ता नहीं माना जा सकता.
आयोग ने इन दलीलों को खारिज कर दिया. उसने कहा कि शिकायतकर्ता इसी कारोबार से अपनी आजीविका कमाता था, इसलिए वह उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत शिकायत कर सकता है. आयोग ने पाया कि सर्वे रिपोर्ट में आग को नुकसान का मुख्य कारण माना गया था और पॉलिसी शर्त के उल्लंघन की बात नहीं आई.
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आयोग के मुताबिक, मूल बिल उपलब्ध नहीं होने के कारण 75 प्रतिशत मूल्यह्रास लगाने की कोई पॉलिसी शर्त नहीं थी. इसलिए बीमा कंपनी को पहले दी गई रकम घटाने के बाद 51.12 लाख रुपये का भुगतान करना होगा. साथ ही, 1 लाख रुपये मानसिक परेशानी और 50 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के लिए देने होंगे.






















