Union Budget 2026: अब विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता, जानें टैक्स में कितनी मिलेगी छूट?
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश करते हुए विदेश में पढ़ाई और मेडिकल इलाज को लेकर बड़ी घोषणा की है. आइए जानते हैं पूरी जानकारी.

Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया है. यह उनका लगातार नौंवा बजट था और इतिहास में यह सिर्फ दूसरी बार है जब बजट रविवार को पेश किया गया. कई टैक्सपेयर्स के लिए फायदेमंद घोषणाओं में से एक फैसला परिवारों और छात्रों दोनों के लिए खास है. आपको बता दें कि कम टैक्स की वजह से अब विदेश में पढ़ाई, मेडिकल इलाज और यात्रा काफी सस्ती हो गई है. आइए जानते हैं सरकार ने टैक्स में कितनी कटौती की है.
विदेश में शिक्षा और मेडिकल इलाज पर बड़ी राहत
सबसे जरूरी घोषणा उन भारतीयों से जुड़ी हुई है जो शिक्षा और मेडिकल इलाज के लिए विदेश पैसा भेजते हैं. सरकार ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत टीसीएस को 5% से घटकर 2% कर दिया है. इसका मतलब है 3% की सीधी टैक्स राहत. इससे विदेश में पढ़ने वाले छात्रों और विदेश में इलाज कराने वाले मरीजों पर वित्तीय बोझ काफी कम होगा. पहले परिवारों को पैसे भेजते समय टैक्स के तौर पर ज्यादा रकम ब्लॉक करनी पड़ती थी. हालांकि इसे बाद में रिटर्न फाइल करते समय एडजस्ट किया जा सकता था. लेकिन अब इस टैक्स को घटा दिया गया है.
विदेश यात्रा भी सस्ती हुई
विदेश यात्रा को भी एक बड़ी राहत मिली है. इंटरनेशनल टूर पैकेज पर टीसीएस को पहले के 5% और कुछ मामलों में 20% से घटाकर 2% कर दिया गया है. जरूरी बात यह है कि सरकार ने न्यूनतम सीमा की शर्त हटा दी है. यानी कि अब पैकेज की कीमत चाहे जो भी हो कम दर लागू होगी. बजट की घोषणा के मुताबिक विदेश यात्रा पर टीसीएस घटाकर दो प्रतिशत किया गया, विदेश में शिक्षा पर टीसीएस 5% से घटकर 2% किया गया और विदेश में मेडिकल इलाज पर टीसीएस 5% से घटकर 2% किया गया.
संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए ज्यादा समय
टैक्सपेयर्स के लिए एक और बड़ी राहत संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समय सीमा का विस्तार करना है. पहले संशोधित रिटर्न 31 दिसंबर तक फाइल करना होता था. लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है. यानी कि अब टैक्स पेयर्स को गलतियों या फिर कमियों को सुधारने के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा. हालांकि इसकी एक मामूली फीस लगेगी लेकिन यह कदम कंप्लायंस के लिए एक दूसरा मौका साबित होगा.
विदेश में पैसे भेजने के लिए आसान नियम
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत कम टीसीएस के साथ विदेश में पढ़ाई या फिर हेल्थ केयर के लिए पैसे भेजना आसान और सस्ता हो गया है. यह कदम मिडिल क्लास परिवारों के लिए मददगार साबित होगा जो विदेश में पढ़ाई या फिर जरूरी मेडिकल प्रोसीजर के लिए अपनी बचत या लोन पर निर्भर रहते हैं. कम शुरुआती टैक्स से लिक्विडिटी भी काफी बेहतर होगी क्योंकि परिवारों को अब रिफंड क्लेम करने के लिए महीनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
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