सैलरी आते ही खत्म हो जाते हैं पैसे? अपनाएं 30 दिन का 'जीरो खर्च' प्लान, बचेंगे हजारों रुपये
अगर सैलरी आते ही पैसा खत्म हो जाता है, तो 30 दिन का ‘नो-स्पेंड चैलेंज’ आजमाएं. इस दौरान केवल जरूरी खर्च करें और शॉपिंग, बाहर खाना व गैर-जरूरी खर्च रोककर बचत बढ़ाएं.

अगर सैलरी आने के कुछ दिनों बाद ही आपका बैंक बैलेंस तेजी से कम होने लगता है और महीने के आखिरी में पैसों की कमी के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है, तो आपको अपनी खर्च करने की आदत पर थोड़ा ब्रेक लगाने की जरूरत है. कई बार जरूरत से ज्यादा शॉपिंग, बाहर का खाना, ऑनलाइन ऑर्डर और छोटी-छोटी गैर-जरूरी खरीदारी पर किया गया खर्च महीने की बजट को बिगाड़ देता है. ऐसे में 30 दिन का नो-स्पेंड चैलेंज आपकी फिजूलखर्ची पर ब्रेक लगाने में मददगार साबित हो सकती है.
क्या है 30 दिन का नो-स्पेंड चैलेंज?
नो-स्पेंड चैलेंज का मतलब यह नहीं है कि पूरे महीने में बिल्कुल पैसे खर्च नहीं करने हैं, बल्कि यह एक तरह का सेविंग प्लान हैं, जिनमें तय समय के लिए कुछ गैर-जरूरी फिजूलखर्ची को पूरी तरह रोकने की कोशिश की जाती है. इस दौरान आप अपनी जरूरत और इच्छा के बीच के अंतर को आसानी से समझ सकते हैं और बिना सोचे-समझे खरीदारी से बच सकते हैं. इससे न सिर्फ पैसे बचने में मदद मिलती है, बल्कि आपको खर्च असल मायने भी समझने का मौका मिलेगा.
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30 दिन तक ऐसे रोकें फिजूलखर्ची
- सबसे पहले अपने जरूरी और गैर-जरूरी खर्चों की अलग-अलग लिस्ट तैयार करें.
- दोस्तों से मिलने के लिए महंगे रेस्टोरेंट्स या कैफे में जाने के बजाय घर पर मिलना-जुलना रखें.
- 30 दिनों तक गैर-जरूरी ट्रिप, पार्टी और महंगे आउटिंग प्लान को टालने की कोशिश करें.
- ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स को फोन से हटाएं या कम से कम उनके नोटिफिकेशन बंद कर दें.
- फूड डिलीवरी ऐप्स को अनइंस्टॉल करके बाहर से खाना ऑर्डर करने का लालच कम करें.
- जिन OTT, ऐप्स या दूसरी सर्विस की जरूरत नहीं है, उनकी मेंबरशिप और ऑटो-पे बंद कर दें.
- ऑफिस में बाहर से खाना मंगाने के बजाय घर से खाना और पानी ले जाने की आदत बनाएं.
- क्रेडिट कार्ड को 30 दिनों के लिए इस्तेमाल न करने का लक्ष्य रखें, ताकि अचानक खर्च करने से बच सकें.
हर दिन बचाए पैसों का रखें हिसाब
इस चैलेंज को सफल बनाने के लिए सबसे अहम बात यह है कि आप अपने खर्च और बचत का रिकॉर्ड तैयार रखें. हर दिन लिखें कि पने कितना पैसा खर्च किया है और कितना बचाया है. इसके बाद महीने के आखिर में अपनी कुल बचत को देखें और इस पैसे को सेविंग अकाउंट, इमरजेंसी फंड या अपनी जरूरत के मुताबिक किसी अच्छी जगह निवेश कर दें. बड़ी बात यह है कि नो-स्पेंड चैलेंज आपको फिजूलखर्ची कम करने के लिए मोटिवेत करती है.
नो-स्पेंड चैलेंज से क्या होगा फायदा?
- इससे बेवजह होने वाले खर्चों में काफी कमी आ सकती है.
- बचत के लिए ज्यादा रकम अलग रख सकते हैं.
- महीने के अंत में आपके पास ज्यादा पैसे बच सकता है.
- बचाए गए पैसे को सेविंग या निवेश के तौर पर भी लगाया जा सकता है.
- आपको खरीदारी करने से पहले जरूरत और इच्छा के बीच अंतर समझने की आदत बनेगी.
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