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Kanwar Yatra Identity Row: नाम-पहचान पर 'जंग', आस्था या सियासत?
कांवड़ यात्रा के दौरान नाम और पहचान को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. इस चर्चा में एक वक्ता ने कहा कि जो लोग नाम बदलकर कारोबार कर रहे हैं, वे गलत हैं और उन्हें अपनी पहचान नहीं छुपानी चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि लोगों को अपने लिबास और नाम को उजागर रखना चाहिए और किसी की आस्था को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए. वक्ता ने कहा, "जो उनका लिबास है, जो उनका नाम है। वो अपना उजागर करके रखें और किसी की आस्था को ठेस ना पहुंचाएं।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि Swami Ashwini जी के बाद जो लोग दुकानों पर जाकर पूछताछ कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, जबकि यह काम सरकार का है. उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग केवल टीवी पर आने और Modi जी के राशन के लिए लाइन में लगने वाले हैं. एक अन्य वक्ता Rajesh Chaudhary ने इस बात का खंडन किया कि ऐसे विवाद पहले कभी नहीं हुए, और बरेली में डीजे बजाने को लेकर हुई घटना का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी व्यवसायी, चाहे वे Hindu, Muslim, Sikh या Christian हों, अपने नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें और कांवड़ यात्रा की मान्यताओं का पालन करें. सरकार ने कांवड़ मार्ग पर मांसासाहारी भोजन और शराब पर प्रतिबंध लगाया है. ABP News ने सभी से आस्था का सम्मान करने और नाम-पहचान बताने में पारदर्शिता रखने की अपील की है, लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि ऐसा कोई भी कदम न उठाया जाए जिससे समाज में भेदभाव बढ़े और हिंदुस्तान को नुकसान हो.
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