Bihar Election 2025: वादों की बौछार, कौन जीतेगा बिहार?
बिहार चुनाव में जैसे जैसे मतदान का दिन करीब आ रहा है, चुनावी दंगल में हर दिन नए नए दांव खेले जा रहे हैं। वोटरों को अपने पाले में करने के लिए वादों का पिटारा खोला जा रहा है। बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर वादों की झड़ी लगा दी। तेजस्वी ने जीविका दीदियों के लिए बड़े बड़े एलान किए, कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनी तो जीविका दीदियों की कम्युनिटी मोबलाइजर को सरकारी नौकरी देंगे और वेतन होगा 30 हजार महीना। यही नहीं जीविका दीदियों ने जो लोन लिया है उसका ब्याज माफ करेंगे और दो साल के लिए बिना ब्याज का लोन भी देंगे। तेजस्वी यादव ने दूसरा बड़ा एलान ये किया कि वो संविदा यानी कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे लोगों की नौकरी स्थाई कर देंगे। तेजस्वी ने जैसे ही वादों की झड़ी लगाई, एनडीए के नेता उन पर बरस पड़े। बीजेपी का कहना है कि तेजस्वी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं इसलिए हवा हवाई वादे कर रहे हैं। चिराग पासवान ने कहा कि न उनकी सरकार बनेगी और न ही वो वादे निभाएंगे। बीजेपी ने ये भी कहा कि बुद्ध की धरती को कोई भी बुद्धू बनाने की कोशिश न करे। चुनाव के मैदान में एक तो तेरा वादा और मेरा वादा को लेकर जंग हो रही है दूसरी तरफ महागठबंधन में गांठ को लेकर भी चर्चा खूब हो रही है। आज कांग्रेस की ओर से पर्यवेक्षक अशोक गहलोत पटना पहुंचे, गहलोत ने पहले तेजस्वी यादव और फिर लालू यादव से मुलाकात की। मुलाकात के बाद कहा कि सभी मतभेद सुलझा लिए जाएंगे, महागठबंधन मजबूती से चुनाव लड़ेगा और एनडीए को हराएगा। इस दावे के बीच सच्चाई ये है कि 14 सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार आमने सामने हैं। अब सवाल ये है कि वादों की बौछार तो एनडीए और महागठबंधन दोनों तरफ से हो रही है लेकिन जनता किसके वादे पर भरोसा करेगी, तेरा वादा और मेरा वादा की इस लड़ाई में जनता का इरादा क्या है। सवाल ये भी है कि एनडीए और महागठबंधन के बीच की इस लड़ाई में किसके पास जीत का समीकरण है, इन्हीं सवालों पर चर्चा करेंगे लेकिन सबसे पहले चुनाव के मैदान में आज का घमासान देखिए




































