Bharat Ki Baat: जनता मांगे जवाब..फ्रीबीज का दो हिसाब! | Maharashtra Elections 2024
सबसे पहले बात मुफ्त वाली सियासत की... क्योंकि राजनीतिक दलों ने पिछले कुछ दशक में फ्री वाले वादे को चुनाव जीतने का हिट फॉर्मूला समझ लिया है... टैक्स भरने वाली जनता के पैसों के भरोसे पार्टियां मुफ्त वाले वादे करती हैं... किसे जीत मिलती है और किसे हार... ये अलग मुद्दा है... लेकिन फ्री वाली इस पॉलिटिक्स में तमाम पार्टियां शामिल हैं...अब बात करते हैं चुनाव प्रचार के दौरान की जाने वाली भड़काऊ बयानबाजियों की...
देश में हर साल किसी ना किसी राज्य में चुनाव होता है... चुनाव प्रचार के लिए पार्टियां स्टार प्रचारक बनाती हैं..और यही स्टार प्रचारक अपने बयानों से विवाद खड़ा कर देते हैं... पिछले कुछ साल से चुनावी मंच में भड़काऊ बयानों की गिनती बढ़ी है... क्योंकि नेता ऐसे ही बयानों को जीत का मंत्र मानने लगे हैं...दो साल पहले नौबत यहां तक आई थी कि हेट स्पीच का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया था...





































