Video: प्यास का पाताल लोक! गड्ढे खोदकर उसमें से पानी इकट्ठा करती दिखी गांव की महिलाएं, देखें वीडियो
सोशल मीडिया पर गांव की कुछ महिलाओं का वीडियो वायरल हो रहा है, जो गड्ढे खोद-खोदकर उसमें से थोड़ा-थोड़ा पानी इकट्ठा कर रही हैं. हालांकि यह वीडियो किस राज्य का है, यह जानकारी नहीं मिली है.

सोशल मीडिया पर हर दिन हजारों वीडियो वायरल होते हैं, जिनमें कुछ वीडियो ऐसे होते हैं जो बहुत कम समय में लोगों के दिलों को छूकर धड़कन में प्रवेश कर जाते हैं. इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसने लोगों के दिलों को झकझोर रख दिया है.
वीडियो में साफ-साफ दिखाई पड़ता है कि कई महिलाएं एक गड्ढे जैसे स्थान से पानी भर रही हैं. आसपास में कोई साफ-सुथरी टंकी या पाइपलाइन नजर नहीं आती है, बल्कि मिट्टी से भरे एक छोटे से गड्ढे में जमा पानी को ही वे अपने बर्तनों में भर रही हैं. यह नजारा देखकर हर कोई चिंतित है कि क्या यह पीने का पानी है?
स्वच्छ पानी के लिए संघर्ष- वीडियो
वीडियो में आप देख सकते हैं कि पानी साफ नहीं है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह महिलाएं पीने के लिए पानी जुटा रही हैं. वीडियो देखकर ऐसा लगता है कि यह नजारा ग्रामीण इलाके हैं, जहां अभी भी स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है.
What are these women collecting from the pit?
— Woke Eminent (@WokePandemic) February 13, 2026
Drinking water or some mineral rich special water at a particular spot?
Which state is this? pic.twitter.com/9wlSUPZ7dw
हालांकि, कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि यह किसी विशेष खनिज युक्त जल का स्रोत हो सकता है, जहां लोग मान्यता के आधार पर पानी लेने आते हों. लेकिन वीडियो में महिलाओं के चेहरे पर दिख रही गंभीरता और जल्दबाजी इस बात की ओर इशारा करती है कि यह शायद रोजमर्रा की जरूरत का पानी है.
सरकारी योजनाओं पर उठते सवाल
इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग सरकार से सवाल पूछ रहे हैं. खास तौर पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना Pradhan Mantri Jal Jeevan Mission का नाम चर्चा में है. इस योजना का उद्देश्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना है. ऐसे में अगर किसी राज्य या जिले में महिलाएं आज भी गड्ढों से पानी भरने को मजबूर हैं, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.
लोग सोशल मीडिया पर कमेंट कर रहे हैं और लिख रहे हैं कि आखिर जल जीवन मिशन के लिए दिए गए फंड का इस्तेमाल कहां हो रहा है? क्या योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित हैं या जमीनी स्तर पर भी उनका सही क्रियान्वयन हो रहा है?
Source: IOCL























