Watch: अमेरिका के शिकागो में ट्रेन की पटरियों पर दिखती है आग, आखिर क्या है पूरा मामला
Viral News: अमेरिका के शिकागों में ट्रेन की पटरियों पर आग की लपटें दिखाई देती हैं लेकिन ये लपटें वास्तव में गैस हीटरों से आती है. अत्यधिक ठंड की वजह से तकनीकी कारणों से ऐसा किया जाता है.
Chicago Train Track Set On Fire: अमेरिका के शिकागो (Chicago) में ट्रेन की पटरियों पर आग जलाई जा रही है. शिकागो में ट्रेन सर्विस देने वाली एक ट्रांसपोर्ट कंपनी शहर में अधिक ठंड लौटने की वजह से ट्रेन की पटरियों पर आग जला रही है. अत्यधिक ठंड की वजह से पटरियों को नुकसान हो सकता है इसलिए ऐसा किया जा रहा है. हालांकि पटरियों पर जो आग की लपटें दिखाई देती है वो हीटर के जरिए जल रही आग की होती है. लेकिन लोगों को लगता है कि पटरियों पर ही आग लगा दी गई है जबकि ऐसा नहीं है. शून्य तापमान के बावजूद रेलगाड़ियों के चलते रहने के लिए ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर के जरिए ऐसा किया जा रहा है.
रेल की पटरियों पर जलती है आग
अमेरिका में शिकागों के मेट्रा कम्यूटर ट्रेन सिस्टम की पटरियों पर आग की लपटें दिखाई देती हैं लेकिन ये लपटें वास्तव में प्रत्यक्ष रूप से जल रही आग की नहीं होती हैं. जानकारी के मुताबिक ये आग की लपटें गैस फीड हीटरों (Gas Fed Heaters) से आती है जो रेल के साथ-साथ लगी रहती है और ट्रेन के साथ ही चलती हुई पटरियों को गर्म करती है. पटरियों को तापमान देने के लिए ट्यूबलर हीटिंग सिस्टम (Tubular Heating System) और हॉट एयर ब्लोअर का उपयोग होता है. तापमान जब माइनस में चला जाता है तो इसे रेगुलर स्तर पर गैस हीटरों के जरिए पटरियों को गर्म किया जाता है.
There's nothing like checking the @railstream camera at A2 and seeing Metra running seamlessly through this snowy weather on a Monday morning!
— Metra (@Metra) January 24, 2022
Beat the traffic, no matter the weather, by hopping on Metra. 💯 pic.twitter.com/QzPfQx3bxW
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अधिक ठंड में पटरियों को गर्म करने के लिए गैस हीटर
ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर मेट्रा (Metra) की मानें तो अधिक ठंड की वजह से ट्रेन प्रचालन में कुछ टेक्निकल दिक्कत आती है. अधिक ठंड रेल की पटरियों को प्रभावित करती है. अधिक ठंड में पुल अपर्स की समस्या आती है. पुल अपर्स एक ट्रेन फॉल्ट है जिसमें दो ट्रेनें उनके कनेक्शन पर अलग हो जाती है. जब धातु सिकुड़ती है तो ट्रेन वास्तव में एक दूसरे से अलग हो जाती है. धातु को गैस हीटरों के जरिए गर्म किया जाता है और दो ट्रेनों को फिर से जोड़ा जाता है. गैस हीटरों के जरिए आग जलने से ट्रेन को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है हालांकि इस पर ट्रेन ड्राइवर निगरानी रखते हैं.
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Source: IOCL






















