बेटी बदला जरूर लेना... बुलडोजर से ढहा घर तो 8 साल की बच्ची ने खाई IAS बनने की कसम! यूजर्स ने किए ऐसे-ऐसे कमेंट्स
सोशल मीडिया पर आठ साल की बच्ची का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो बुलडोजर के सामने दौड़कर अपनी किताबों को बचाती नजर आई. सोशल मीडिया यूजर्स इस बच्ची को जमकर सलाम कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे वीडियो वायरल होते रहते हैं, जो दिल को चीरकर रख देते हैं. ऐसा ही एक वीडियो अंबेडकरनगर की महज आठ साल की बच्ची का है, जिसका घर बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. जब लड़की का घर तोड़ा जा रहा था, तब वह अपनी किताबों को बचाती नजर आई. वहीं, जब बच्ची ने अपने सपने के बारे मेंं बताया तो सोशल मीडिया यूजर्स का दिल पिघल गया. यूजर्स ने ऐसे-ऐसे कमेंट्स किए, जिन्हें पढ़कर आप भी भावुक हो जाएंगे.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, अंबेडकरनगर जिले के अरई गांव में गैरकानूनी तरीके से बनी झुग्गी-झोपड़ियों पर कार्रवाई की गई. इन झोपड़ियों को बुलडोजर से ढहा दिया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस दौरान महज आठ साल की बच्ची अपनी किताबों को लेकर भागती नजर आई. दावा किया जा रहा है कि जब बच्ची ने अपनी झोपड़ी को टूटते हुए देखा तो उसने सबसे पहले अपनी किताबों को बचाया.
घर पर कहर बनकर चढ़ा बुलडोजर तो आठ साल की बच्ची ने सबसे पहले बचाईं किताबें... बोली- आईएएस अफसर बनूंगी#Ambedkarnagar #अंबेडकरनगर #viralvideo pic.twitter.com/0De8XZcYge
— Sambhava (@isambhava) April 3, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने भी की टिप्पणी
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान इस वीडियो का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हाल में एक वीडियो आया है, जिसमें बुलडोजर द्वारा छोटी-छोटी झोपड़ियों को गिराया जा रहा है. एक छोटी बच्ची हाथ में किताबों को लेकर तोड़ी गई झोपड़ी से भाग रही है. इसने सभी को चौंका दिया है.
बच्ची ने खाई IAS बनने की कसम
बताया जा रहा है कि जब अंबेडकर नगर जिले के अरई गांव में तोड़फोड़ चल रही थी, उस दौरान पास ही मौजूद फूस के शेड में आग लग गई. मीडिया से बातचीत के दौरान बच्ची ने बताया कि जब हमारे घर के पास आग लग गई तो मुझे अपने स्कूल बैग और किताबों का ख्याल आया. ऐसे में मैं अपनी किताबें और नोटबुक लेने के लिए अंदर चली गई. उसने बताया कि वह बड़ी होकर आईएएस अफसर बनना चाहती है.
क्या हुआ था हकीकत में?
इस मामले में जलालपुर तहसील के उप ज़िलाधिकारी (एसडीएम) पवन जायसवाल का कहना है कि अतिक्रमण वाली जमीन खाली करने का नोटिस करीब दो महीने पहले दिया गया था. जब प्रशासनिक टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची तो परिवार ने विरोध करना शुरू कर दिया. हमें नहीं पता कि एक छप्पर में आग कैसे लगी, लेकिन इसे काबू में कर लिया गया. बाद में एक ढांचे को ढहा दिया गया, लेकिन वह पूरी तरह से गैर-आवासीय था. लड़की जिस झोपड़ी से किताबें लेकर भागी थी, उसे छुआ तक नहीं गया. वह उस ढांचे से कुछ दूरी पर था, जिसमें आग लगी थी.
सोशल मीडिया यूजर्स ने किए ऐसे-ऐसे कमेंट्स
अपनी किताबों को बचाने के लिए बुलडोजर के सामने दौड़ती नजर आई बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो यूजर्स की आह निकल गई. वहीं, जब बच्ची की कसम के बारे में उन्हें पता लगा तो वे बच्ची का हौसला बढ़ाते दिखे. एक यूजर ने लिखा कि बेटी तुम अपना घर तोड़ने का बदला जरूर लेना. तुम अपना सपना पूरा करना, जिसके बाद पूरा हिसाब होगा. दूसरे यूजर ने लिखा कि गरीब जब मुश्किलों की भट्ठी में तपता है तो कुंदन बनकर निकलता है. यह बच्ची भी अपने अरमान जरूर पूरे करेगी. एक अन्य यूजर ने तो बुलडोजर चलवाने वाले अफसरों को जमकर कोसा. उसने लिखा कि गरीबों पर ही सारे कानून लागू होते हैं, जबकि अमीर तो बेईमानी करके भी बच जाते हैं.
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Source: IOCL





















