क्यों बदला गया AI का नाम? ट्रंप को क्या थी इससे दिक्कत, जानें पूरा मामला
ट्रंप ने AI को लेकर बड़ा बदलाव किया है. आखिर AI का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस क्यों किया गया और ट्रंप को इससे क्या दिक्कत थी? जानें पूरा मामला.

अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करते हुए संघीय सरकार के ऑफिशियल कामकाज में Artificial Intelligence और AI की जगह Super Intelligence और SI शब्द इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है. यह आदेश 30 सितंबर 2026 को सामने आया.
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मौजूदा AI टेक्नोलॉजी अपनी पुराने कॉनटेक्स्ट से काफी आगे निकल चुकी है. करीब 70 साल पहले इस्तेमाल में आया Artificial Intelligence शब्द आज की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी की क्षमताओं को पूरी तरह नहीं दर्शाता है. नए आदेश के मुताबिक एडवांस सिस्टम इंसानी क्षमताओं को बढ़ाने, नई तरह की रचनात्मकता को सक्षम करने और विज्ञान, चिकित्सा समेत कई क्षेत्रों में ऐसे काम करने में मदद कर रहे हैं जो पहले मुश्किल माने जाते थे.
यह भी पढ़ें: Meta स्मार्ट ग्लासेज यूजर्स तुरंत बदलें ये सेटिंग! वरना AI ट्रेनिंग में इस्तेमाल होंगी आपकी फोटोज
ट्रंप ने खुद Artificial शब्द पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे इंटेलिजेंस कुछ नकली जैसा सुनाई देता है जबकि उनके अनुसार यह टेक्नोलॉजी असली और बेहद शक्तिशाली है. संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान भी उन्होंने इसी तर्क के आधार पर Super Intelligence नाम इस्तेमाल करने की बात कही थी.
ट्रंप ने AI को इंटरनेट से भी बड़ा बताया
ट्रंप ने AI यानी अब SI को भविष्य की बेहद प्रभावशाली टेक्नोलॉजी बताया है. उन्होंने कहा कि यह टेक्नोलॉजी इंटरनेट और यहां तक कि Industrial Revolution से भी बड़ी हो सकती है. उनका कहना है कि जो देश इस टेक्नोलॉजी में आगे रहेगा, उसे ग्लोबल लेवल पर रणनीतिक बढ़त मिल सकती है.
व्हाइट हाउस में टेक इंडस्ट्री के प्रमुख लोगों के साथ हुई बैठक के बाद भी ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए बहुत बड़ा तकनीकी अवसर बताया है. बैठक में एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और NVIDIA के जेन्सेन हुआंग समेत कई टेक दिग्गज मौजूद थे.
क्या अब पूरी दुनिया AI को SI कहेगी?
फिलहाल ऐसा नहीं है. यह बदलाव मुख्य रूप से अमेरिकी संघीय सरकार के ऑफिशियल कामकाज से जुड़ा है. आदेश के तहत सरकारी पत्राचार, वेबसाइट, रिपोर्ट, सार्वजनिक संचार और प्रशासनिक डॉक्यूमेंट्स में Super Intelligence और SI इस्तेमाल करने को कहा गया है. हालांकि पुराने नियम, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट, ग्रांट और ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पीछे से बदलने का निर्देश नहीं दिया गया है.
अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल मौजूदा कानूनी परिभाषा को ही Super Intelligence के लिए लागू किया है. साथ ही विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी से जुड़े राष्ट्रपति के सलाहकार को 60 दिनों के भीतर कांग्रेस के लिए नई कानूनी परिभाषा और संबंधित बदलावों का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है.
यह भी पढ़ें:
20,000mAh Power Bank कितने दिन चलेगा? जानिए कितनी बार चार्ज होगा आपका फोन






















