एक्सप्लोरर

हवा में लटका ये ‘लोहे का जाल’ टूटता क्यों नहीं, कैसे काम करता है Ropeway और इसकी टेक्नोलॉजी?

Ropeway में इस्तेमाल होने वाली केबल किसी सामान्य लोहे की रस्सी जैसी नहीं होती. इसे हाई-टेंसाइल स्टील वायर से तैयार किया जाता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • खराब मौसम, लापरवाही से हादसे होते हैं, AI से सुधार होगा।

Ropeway: पहाड़ों की ऊंचाई पर हवा में लटकती Ropeway या Cable Car को देखकर अक्सर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है आखिर इतने भारी केबिन को संभालने वाला लोहे का मोटा तार टूटता क्यों नहीं? हाल ही में गुलमर्ग में Ropeway से जुड़ी घटना के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है. हजारों फीट ऊपर चलने वाली इस तकनीक के पीछे बेहद एडवांस इंजीनियरिंग और कई लेयर वाली सुरक्षा व्यवस्था काम करती है.

साधारण तार नहीं सुपर-स्टील से बनती है Ropeway Cable

Ropeway में इस्तेमाल होने वाली केबल किसी सामान्य लोहे की रस्सी जैसी नहीं होती. इसे हाई-टेंसाइल स्टील वायर से तैयार किया जाता है. एक केबल के अंदर सैकड़ों पतले स्टील तार एक-दूसरे में घुमाकर जोड़े जाते हैं जिससे इसकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है.

ये केबल इतनी मजबूत होती हैं कि कई टन वजन आसानी से उठा सकती हैं. इन्हें खास तरीके से डिजाइन किया जाता है ताकि बर्फबारी, तेज हवा और लगातार कंपन का असर कम पड़े.

आखिर Ropeway हवा में टिकती कैसे है?

Ropeway सिस्टम मुख्य रूप से तीन हिस्सों पर काम करता है स्टील केबल, टावर और मोटर सिस्टम. ऊंचे-ऊंचे टावर पूरे सिस्टम का भार संभालते हैं. इनके ऊपर लगे रोलर्स केबल को संतुलित रखते हैं ताकि वह सही दिशा में चलती रहे. दूसरी तरफ शक्तिशाली मोटर लगातार केबल को घुमाती रहती है जिससे केबिन आगे बढ़ते हैं. अगर बिजली चली जाए तो बैकअप जनरेटर और इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम तुरंत एक्टिव हो जाते हैं.

टूटने से पहले कई बार चेतावनी देती है केबल

Ropeway केबल अचानक नहीं टूटती. आधुनिक सिस्टम में सेंसर लगातार केबल की हालत पर नजर रखते हैं. यदि कहीं ज्यादा दबाव, कंपन या घिसाव दिखाई देता है तो कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाता है. कई Ropeway सिस्टम में Magnetic Testing Technology भी इस्तेमाल होती है जो केबल के अंदर की छोटी दरार तक पकड़ लेती है. इसी वजह से नियमित जांच को Ropeway सुरक्षा का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है.

फिर हादसे क्यों होते हैं?

इतनी मजबूत तकनीक होने के बावजूद हादसों का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता. खराब मौसम, तेज तूफान, तकनीकी गड़बड़ी, रखरखाव में लापरवाही या मानवीय गलती बड़ी दुर्घटनाओं की वजह बन सकती है. पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम बदलने से Ropeway पर दबाव बढ़ जाता है. अगर समय पर निरीक्षण न हो तो छोटी समस्या भी बड़ा खतरा बन सकती है.

भविष्य में और स्मार्ट होगी Ropeway टेक्नोलॉजी

अब दुनिया भर में AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम और ऑटोमैटिक सेफ्टी टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम हो रहा है. आने वाले समय में Ropeway सिस्टम खुद ही खराबी पहचानकर संचालन रोक सकेंगे. पर्यटन बढ़ने के साथ भारत में भी Ropeway प्रोजेक्ट तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में मजबूत टेक्नोलॉजी के साथ सख्त सुरक्षा जांच सबसे जरूरी बन गई है क्योंकि हजारों फीट ऊपर हवा में चलने वाली इस सवारी में छोटी सी गलती भी बेहद भारी पड़ सकती है.

यह भी पढ़ें: भारत में Free WiFi का बड़ा अपडेट! अब QR Code स्कैन करते ही मिलेगा इंटरनेट, PM-WANI में हुए बड़े बदलाव

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

HDMI 2.1, USB-C और Display Port में क्या अंतर, जानें मॉनिटर के लिए कौन-सा होता है बेहतर?
HDMI 2.1, USB-C और Display Port में क्या अंतर, जानें मॉनिटर के लिए कौन-सा होता है बेहतर?
Smart Water Tank Monitoring System: अब मोबाइल से चेक करें पानी की टंकी का लेवल, मोटर भी होगी रिमोट से कंट्रोल
अब मोबाइल से चेक करें पानी की टंकी का लेवल, मोटर भी होगी रिमोट से कंट्रोल
Meta AI Glasses Privacy Update : कैमरा लाइट से छेड़छाड़ की तो काम नहीं करेंगे मेटा ग्लास, प्राइवेसी सेटिंग में किया गया बदलाव
कैमरा लाइट से छेड़छाड़ की तो काम नहीं करेंगे मेटा ग्लास, प्राइवेसी सेटिंग में किया गया बदलाव
WhatsApp ला रहा है नया Birthday फीचर, अब भूलेंगे नहीं किसी का खास दिन
WhatsApp ला रहा है नया Birthday फीचर, अब भूलेंगे नहीं किसी का खास दिन
Advertisement

वीडियोज

लाचार पिता के सामने बीच सड़क पर बेटी से छेड़खानी
Sairab: 😯Tinni ने मां पर फिर उठाए सवाल, Nayanika को गलत समझ रही टिनी की एंट्री से बढ़ा ड्रामा। #sbs
Bollywood News: आमिर खान की तीसरी शादी की अफवाहों पर मचा बवाल, भड़का बजरंग दल (11.07.26)
Yash और Kiara Advani की केमिस्ट्री पर उठे सवाल
Sansani | Meerut News: खबरदार...मैं खाकी वाला हूं ! | ABP News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
PoK में पाकिस्तान आर्मी की दहशतगर्दी, रेंजर्स ने मस्जिद को भी लूटा, प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग
PoK में पाकिस्तान आर्मी की दहशतगर्दी, रेंजर्स ने मस्जिद को भी लूटा, प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग
यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में झमाझम बारिश के आसार; IMD ने जारी किया अपडेट
यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में झमाझम बारिश के आसार; IMD ने जारी किया अपडेट
'धमाल 4' आई पसंद तो ओटीटी पर देख डालिए बॉलीवुड की 7 जबरदस्त कॉमेडी फिल्में, नहीं रुकेगी हंसी
'धमाल 4' आई पसंद तो ओटीटी पर देख डालिए बॉलीवुड की 7 जबरदस्त कॉमेडी फिल्में, नहीं रुकेगी हंसी
0-4 की हार, इंग्लैंड में क्यों फिसड्डी साबित हुई टीम इंडिया; जानें शर्मनाक प्रदर्शन के 5 बड़े कारण
0-4 की हार, इंग्लैंड में क्यों फिसड्डी साबित हुई टीम इंडिया; जानें शर्मनाक प्रदर्शन के 5 बड़े कारण
India-US Trade Deal: अमेरिका के 12.5% अतिरिक्त टैरिफ पर भारत का करारा पलटवार, कहा- 'एकतरफा फैसले...'
अमेरिका के 12.5% अतिरिक्त टैरिफ पर भारत का करारा पलटवार, कहा- 'एकतरफा फैसले...'
मूकबधीर को शख्स ने दी लिफ्ट, मदद पाकर भावुक हुआ और कसकर लगाया गले- वीडियो वायरल
मूकबधीर को शख्स ने दी लिफ्ट, मदद पाकर भावुक हुआ और कसकर लगाया गले- वीडियो वायरल
HDMI 2.1, USB-C और Display Port में क्या अंतर, जानें मॉनिटर के लिए कौन-सा होता है बेहतर?
HDMI 2.1, USB-C और Display Port में क्या अंतर, जानें मॉनिटर के लिए कौन-सा होता है बेहतर?
MPPSC ADPO Recruitment 2026: एडीपीओ भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया फिर शुरू, 24 जुलाई तक भर सकेंगे फॉर्म
एडीपीओ भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया फिर शुरू, 24 जुलाई तक भर सकेंगे फॉर्म
Embed widget