एक्सप्लोरर

फोल्डेबल फोन क्यों होता हैं महंगे? जानिए ऐसा क्या होता है जिससे बढ़ जाती है कीमत

Foldable Smartphone: पिछले कुछ सालों में फोल्डेबल स्मार्टफोन तेजी से चर्चा में आए हैं. ये फोन दिखने में जितने अलग और प्रीमियम लगते हैं, उतने ही ज्यादा महंगे भी होते हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • प्रीमियम मटेरियल और सीमित विकल्पों से बढ़ती है लागत।

Foldable Smartphone: पिछले कुछ सालों में फोल्डेबल स्मार्टफोन तेजी से चर्चा में आए हैं. ये फोन दिखने में जितने अलग और प्रीमियम लगते हैं, उतने ही ज्यादा महंगे भी होते हैं. आम यूजर के मन में अक्सर सवाल आता है कि आखिर फोल्डेबल फोन की कीमत सामान्य स्मार्टफोन से कई गुना ज्यादा क्यों होती है. इसके पीछे सिर्फ ब्रांड नहीं, बल्कि कई तकनीकी और डिजाइन से जुड़ी वजहें छुपी होती हैं.

खास डिस्प्ले टेक्नोलॉजी सबसे बड़ा कारण

फोल्डेबल फोन की सबसे बड़ी खासियत उनकी मुड़ने वाली स्क्रीन होती है. यह स्क्रीन साधारण ग्लास की नहीं होती बल्कि अल्ट्रा-थिन फ्लेक्सिबल मटेरियल से बनाई जाती है. इस तरह की डिस्प्ले को तैयार करना काफी मुश्किल और महंगा होता है. स्क्रीन को बार-बार मोड़ने पर भी टूटे नहीं, इसके लिए खास कोटिंग और लेयर्स का इस्तेमाल किया जाता है जिससे लागत काफी बढ़ जाती है.

हिंज मैकेनिज्म पर होती है भारी इंजीनियरिंग

फोन को फोल्ड और अनफोल्ड करने के लिए जो हिंज सिस्टम लगाया जाता है, वह बेहद जटिल होता है. यह हिंज हजारों बार खुलने-बंद होने के बावजूद स्मूद तरीके से काम करे, इसके लिए कंपनियों को खास टेस्टिंग और इंजीनियरिंग करनी पड़ती है. इस मैकेनिज्म को बनाने में समय, रिसर्च और पैसा तीनों ज्यादा लगते हैं जो फोन की कीमत में जुड़ जाते हैं.

रिसर्च और डेवलपमेंट की बड़ी लागत

फोल्डेबल फोन अभी भी नई तकनीक माने जाते हैं. कंपनियों को इनके डिजाइन, टिकाऊपन और परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए सालों तक रिसर्च करनी पड़ती है. इस रिसर्च और डेवलपमेंट पर होने वाला खर्च भी आखिरकार फोन की कीमत में शामिल हो जाता है.

कम प्रोडक्शन और ज्यादा खर्च

साधारण स्मार्टफोन की तुलना में फोल्डेबल फोन बहुत कम संख्या में बनाए जाते हैं. बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन न होने की वजह से इनकी प्रति यूनिट लागत ज्यादा होती है. इसके अलावा इनमें इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स भी आम फोन की तुलना में ज्यादा महंगे होते हैं.

प्रीमियम मटेरियल और मजबूत बॉडी

फोल्डेबल फोन में मजबूत एल्यूमिनियम फ्रेम, खास तरह का ग्लास और बेहतर क्वालिटी के कंपोनेंट्स लगाए जाते हैं. वजह साफ है, क्योंकि फोन को बार-बार मोड़ा जाता है, ऐसे में मजबूती बेहद जरूरी होती है. यही प्रीमियम मटेरियल कीमत को और बढ़ा देता है.

सीमित विकल्प और प्रीमियम इमेज

फोल्डेबल फोन फिलहाल हर कंपनी नहीं बनाती. बाजार में सीमित विकल्प होने की वजह से कंपनियां इन्हें प्रीमियम कैटेगरी में रखती हैं. नया और अलग डिजाइन होने के कारण लोग इन्हें स्टेटस सिंबल के तौर पर भी देखते हैं जिसका फायदा कंपनियां कीमत तय करते वक्त उठाती हैं.

क्या भविष्य में सस्ते होंगे फोल्डेबल फोन?

जैसे-जैसे तकनीक पुरानी होगी और प्रोडक्शन बढ़ेगा, वैसे-वैसे फोल्डेबल फोन की कीमत कम होने की उम्मीद है. लेकिन फिलहाल यह टेक्नोलॉजी महंगी है इसलिए इन फोन्स की कीमत भी ज्यादा बनी हुई है.

यह भी पढ़ें:

YouTube पर कब मिलता है सिल्वर बटन? जानिए 10 हजार व्यूज पर कितने पैसे मिलते हैं

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या है Loop Engineering, जानें यह कैसे बदल देगा AI इस्तेमाल करने का तरीका?
क्या है Loop Engineering, जानें यह कैसे बदल देगा AI इस्तेमाल करने का तरीका?
कौन हैं व्हाट्सएप के नए बॉस कुणाल शाह? जानिए कहां से की है पढ़ाई, कितनी होगी सैलरी
कौन हैं व्हाट्सएप के नए बॉस कुणाल शाह? जानिए कहां से की है पढ़ाई, कितनी होगी सैलरी
WhatsApp को मिला नया मुखिया! अब भारत के कुणाल शाह संभालेंगे कमान
WhatsApp को मिला नया मुखिया! अब भारत के कुणाल शाह संभालेंगे कमान
ChatGPT से है आपको खतरा? Signal President ने AI चैटबॉट्स को लेकर दी बड़ी चेतावनी
ChatGPT से है आपको खतरा? Signal President ने AI चैटबॉट्स को लेकर दी बड़ी चेतावनी

वीडियोज

Sansani | Crime News: लखनऊ अग्निकांड...15 बच्चों का कातिल कौन ? | Lucknow Coaching Fire
Lucknow Coaching Center Fire: लखनऊ अग्निकांड पर योगी का सबसे बड़ा फैसला | Yogi | Latest News
Lucknow Coaching Center Fire: दिल्ली से लखनऊ तक...आग का खेल कब रुकेगा? | Yogi | Aliganj News
Lucknow Coaching Fire Tragedy: परिजनों के आंसूओं' का हिसाब कौन देगा ? | CM Yogi | UP News | ABP News
Lucknow Coaching Center Fire | Sandeep Chaudhary: लखनऊ अग्निकांड...15 मासूमों का हत्याकांड? | Yogi

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
US-ईरान डील में उलझा रहा PAK, ट्रंप ने भारत के साथ कर ली बड़ी डिफेंस डील, अपाचे हेलिकॉप्टर बनेगा और घातक
ईरान डील में उलझा रहा PAK, ट्रंप ने भारत के साथ कर ली बड़ी डिफेंस डील, अपाचे बनेगा और घातक
भरत तिवारी एनकाउंटर के बीच CM सम्राट चौधरी की दो टूक, 'सफाई अभियान चलता रहेगा'
भरत तिवारी एनकाउंटर के बीच CM सम्राट चौधरी की दो टूक, 'सफाई अभियान चलता रहेगा'
'वेलकम टू द जंगल' का प्रमोशन करने निकलीं अक्षरा सिंह, अक्षय कुमार का साथ मिलते ही बदला स्वैग, देखिए Photos
'वेलकम टू द जंगल' का प्रमोशन करने निकलीं अक्षरा सिंह, अक्षय कुमार का साथ मिलते ही बदला स्वैग, देखिए Photos
डोपिंग टेस्ट से इनकार, खिलाड़ी पर लगा 4 साल का बैन; 2023 में जीता था खिताब
डोपिंग टेस्ट से इनकार, खिलाड़ी पर लगा 4 साल का बैन; 2023 में जीता था खिताब
तेज झटकों से कांप उठी अफगानिस्तान की धरती, पूर्वी प्रांत हिंदू कुश में आया 5.2 तीव्रता का भूकंप
तेज झटकों से कांप उठी अफगानिस्तान की धरती, पूर्वी प्रांत हिंदू कुश में आया 5.2 तीव्रता का भूकंप
क्रॉस वोटिंग के 'झूठ' का फैसला करेंगे भगवान? कर्नाटक BJP में 'मंदिर शपथ' पर बवाल, दिल्ली तलब हुए नेता!
क्रॉस वोटिंग के 'झूठ' का फैसला करेंगे भगवान? कर्नाटक BJP में 'मंदिर शपथ' पर बवाल, दिल्ली तलब हुए नेता!
शौक पड़ा भारी! Mahindra Thar को कराया मॉडिफाई, अब 4 लाख का इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट
शौक पड़ा भारी! Mahindra Thar को कराया मॉडिफाई, अब 4 लाख का इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट
CBSE 12वीं में रांची की बेटी का कमाल, री-इवैल्यूएशन के बाद हासिल किए 500 में 500 नंबर
CBSE 12वीं में रांची की बेटी का कमाल, री-इवैल्यूएशन के बाद हासिल किए 500 में 500 नंबर
Embed widget