एक्सप्लोरर

Tech Explained: वाइब स्कैमिंग क्या है और यह वाइब कोडिंग से कैसे अलग है? जानिए इसका खतरा और बचाव के तरीके

हैकर्स भी एआई की मदद से ऐसे साइबर अटैक्स को अंजाम दे रहे हैं, जिन्हें पहचान पाना काफी मुश्किल हो गया है. एआई की मदद से स्कैमिंग को वाइब स्कैमिंग कहा जाता है और आजकल इसका खतरा बढ़ रहा है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom

एआई आने के बाद हर काम आसान हो गया है. अब कई काम ऐसे हैं, जिन्हें करने के लिए इंसानों की जरूरत नहीं रही और इस कारण भारी मात्रा में नौकरियां जा रही हैं. एआई से काम आसान और तेज हुए हैं. दूसरी तरफ इसका दुरुपयोग भी हो रहा है और डीपफेक से लेकर हैकिंग तक में इसका इस्तेमाल चिंता पैदा कर रहा है. अब एक नया खतरा दस्तक दे रहा है और इसके चलते लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. हम बात कर रहे हैं वाइब स्कैमिंग की. आपने अभी तक वाइब कोडिंग सुना होगा, लेकिन अब वाइब स्कैमिंग ने साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की चिंता बढ़ा दी है. आज के एक्सप्लेनर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि वाइब स्कैमिंग क्या है, यह वाइब कोडिंग से कैसे अलग है और कैसे इसके खतरों से बचा जा सकता है.

क्या है वाइब स्कैमिंग?

आसान भाषा में समझें तो स्कैमिंग के लिए एआई की मदद लेने को वाइब स्कैमिंग कहा जाता है. स्कैमर्स एआई टूल्स की मदद से एकदम असली जैसे दिखने वाले नकली वेब पेजेज, फिशिंग ईमेल और फर्जी वेबसाइट तैयार कर रहे हैं. लोग इन्हें असली मानकर यूज कर लेते हैं और इस तरह उनका सेंसेटिव डेटा स्कैमर तक पहुंच जाता है. इसके अलावा स्कैमर फिशिंग अटैक, मालवेयर और दूसरे स्कैम कैंपेन चलाने के लिए भी एआई का यूज कर रहे हैं. यह भी वाइब स्कैमिंग के तहत आता है. इसमें स्कैमर को टेक्निकल नॉलेज होने की जरूरत नहीं है. उसे सिर्फ एआई टूल्स को प्रॉम्प्ट देना है और एआई टूल उसके लिए फर्जी वेबसाइट और फिशिंग ईमेल, मैसेज आदि सब तैयार कर देंगे.

वाइब कोडिंग से कैसे अलग है वाइब स्कैमिंग?

अगर आप टेक से जुड़ी खबरों पर नजर रखते हैं तो आपने वाइब कोडिंग के बारे में जरूर सुना होगा. वाइब कोडिंग उस प्रोग्रामिंग टेक्नीक को कहा जाता है, जिसमें कोडिंग के लिए बनाए गए किसी एआई मॉडल को अपनी प्रॉब्लम लिखकर बतानी है. उस प्रॉम्प्ट के आधार पर यह मॉडल एक सॉफ्टवेयर तैयार कर देगा. यानी आप बिना कोडिंग की जानकारी के भी सिर्फ प्रॉम्प्ट देकर कोई ऐप या सॉफ्टवेयर डेवलप कर सकते हैं. यह वाइब कोडिंग के तहत आता है. वाइब स्कैमिंग भी इसी से निकली टर्म है. इसमें स्कैमर बिना कोई खास जानकारी के एआई टूल्स से फर्जी वेबसाइट, वेब पेजेज और स्कैम कैंपेन डिजाइन करवा लेते हैं, जो एकदम असली दिखते हैं और लोग इस जाल में फंस जाते हैं.

कैसे काम करती है वाइब स्कैमिंग?

वाइब स्कैमिंग की शुरुआत एक साधारण प्रॉम्प्ट से होती है. उदाहरण के तौर पर कोई स्कैमर एआई टूल से किसी साइबर अटैक को अंजाम देने के तरीके पूछेगा. इसके रिस्पॉन्स से वह यह पता लगा सकता है कि किसी अटैक के डिफेंस में कोई डिवाइस क्या करेगा. फिर इस डिवाइस के डिफेंस को बाईपास करने के लिए क्या करने की जरूरत होगी. इस तरह कोई भी एआई मॉडल्स की मदद से फिशिंग पेज और वेबसाइट आदि तैयार करवा सकता है. एडवांस्ड एआई टूल इतनी बारीकी से ये काम करते हैं कि असली और नकली का फर्क पहचानना मुश्किल हो जाता है. उदाहरण के तौर पर देखें तो पिछले साल अगस्त में लवेबल से एक फुल स्टैक फिशिंग साइट तैयार की गई थी, जिसे लंबे समय तक डिटेक्ट नहीं किया जा सका था.

एआई टूल्स ऐसा क्यों करने देते हैं?

चैटजीपीटी, जेमिनी समेत कई एआई चैटबॉट में सेफगार्ड्स होते हैं, जिनकी मदद से इनका दुरुपयोग करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन फिर भी ये पूरी तरह फुलप्रूफ नहीं है. दरअसल, एआई मॉडल्स और चैटबॉट का दुरुपयोग लंबे समय से चिंता का विषय रहा है. कुछ दिन पहले एक रिसर्च में सामने आया था कि साइबर अपराधी गूगल जेमिनी और चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट को मालवेयर डेवलपमेंट, रिसर्च और कंटेट क्रिएशन में यूज कर रहे हैं. डीपसीक जैसे मॉडल को भी जेलब्रेक किया जा सकता है, जिसके बाद इससे गैर-कानूनी कंटेट जैसे फिशिंग ईमेल और रैंसमवेयर सैंपल्स आदि भी क्रिएट करवाया जा सकता है. इसी तरह ओपनएआई के एआई एजेंट ऑपरेट को भी पर्सनल जानकारी निकालने के लिए यूज किया जा सकता है.

वाइब स्कैमिंग कितनी खतरनाक है?

पिछले कुछ समय से एआई के कारण होने वाले साइबर अपराधों की लहर-सी आई हुई है. इसका एक उदाहरण Claude एक्सटॉर्शन कैंपने था, जिसमें अटैकर्स ने एआई का यूज कर बड़े स्तर पर स्कैम किया था. यह अटैक ऐसे मालवेयर वेरिएंट क्रिएट करता था, जिन्हें डिटेक्ट करना बहुत मुश्किल था और ये ट्रेडिशनल डिफेंसेस को आसानी से बाईपास कर सकते थे. वाइब स्कैमिंग के कारण यह खतरा और बढ़ गया है. पिछले साल साइबर क्राइम के कारण दुनियाभर में 8 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था, जिसमें एआई से होने वाले स्कैम की बड़ी भूमिका थी. दूसरी तरफ एआई मॉडल लगातार एडवांस होते जा रहे हैं और उनमें सुरक्षा उपायों की कमी के चलते यह खतरा और बढ़ने की आशंका है.

वाइब स्कैमिंग से बचाव के तरीके क्या हैं?

  • इंटरनेट ब्राउज करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है और URL समेत दूसरी चीजों को ध्यान से देखें.
  • जहां संभव हो, वहां मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को इनेबल करें. इससे आपके अकाउंट पर सिक्योरिटी की एक एक्स्ट्रा लेयर बनती है.
  • अगर कोई कॉल, मैसेज या ईमेल पर आपको डराकर या जल्दबाजी में एक्शन लेने की कहे तो सतर्क हो जाएं. यह हैकिंग का एक तरीका हो सकता है.
  • डिवाइस की सिक्योरिटी के लिए भरोसेमंद एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर का यूज करें और अपने डिवाइस और सॉफ्टवेयर को अपडेटेड रखें.

ये भी पढ़ें-

ChatGPT यूज करते-करते हो गए बोर? इस तरह डिलीट करें अपना अकाउंट, आसान है तरीका

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

मैक्सिको सरकार पर बड़ा साइबर हमला! इस AI टूल को बनाया गया हथियार, 150GB संवेदनशील डेटा चोरी
मैक्सिको सरकार पर बड़ा साइबर हमला! इस AI टूल को बनाया गया हथियार, 150GB संवेदनशील डेटा चोरी
Instagram पर एक्टिव होते हुए भी दिखना है Offline? आसान है तरीका, फॉलो करें ये स्टेप्स
Instagram पर एक्टिव होते हुए भी दिखना है Offline? आसान है तरीका, फॉलो करें ये स्टेप्स
ऐप्पल फैन्स के लिए खास रहेगा अगला हफ्ता, कई प्रोडक्ट्स होंगे लॉन्च, सस्ते आईफोन और मैकबुक का इंतजार भी होगा खत्म
ऐप्पल फैन्स के लिए खास रहेगा अगला हफ्ता, कई प्रोडक्ट्स होंगे लॉन्च, सस्ते आईफोन और मैकबुक का इंतजार भी होगा खत्म
WhatsApp Web Down: मैसेज नहीं भेज पा रहे हैं यूजर्स, लॉग-इन करने में भी आ रही दिक्कत
WhatsApp Web Down: मैसेज नहीं भेज पा रहे हैं यूजर्स, लॉग-इन करने में भी आ रही दिक्कत
Advertisement

वीडियोज

Arvind Kejriwal Bail: फुट-फुट कर रोए केजरीवाल, PM मोदी को घेरते हुए क्या बोले? |ABPLIVE
कौन हैं Arvind Kejriwal को राहत देने वाले जज जितेंद्र सिंह? जानिए पूरा प्रोफाइल |ABPLIVE
PAKISTAN VS AFGHANISTAN: 133 की मौत, आधी रात महायुद्ध, ख्वाजा आसिफ भारत को सुनाने लगे! ABPLIVE
John Mearsheimer Full Interview : 'AI लीडर बनने से पहले उसे समझना बहुत जरूरी' । Shashi Tharoor
Monica Duffy Toft Full Interview :टैरिफ से लेकर युद्ध तक आखिर Trump को लेकर क्या सोचते हैं अमेरिकी ? | ABP NEWS
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान ने किया अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध का ऐलान, क्या इस जंग की असल वजह अंग्रेज हैं?
पाकिस्तान ने किया अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध का ऐलान, क्या इस जंग की असल वजह अंग्रेज हैं?
AAP को मिली सियासी संजीवनी! फैसला आते ही दिखी झलक, क्या पूरा हो पाएगा अरविंद केजरीवाल का ये सपना?
AAP को मिली सियासी संजीवनी! फैसला आते ही दिखी झलक, क्या पूरा हो पाएगा अरविंद केजरीवाल का ये सपना?
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने पर आया कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने पर आया कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
थलपति विजय की पत्नी ने शादी के करीब 27 साल बाद डाली तलाक की अर्जी, लगाया एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप
थलपति विजय की पत्नी ने शादी के करीब 27 साल बाद डाली तलाक की अर्जी, लगाया एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप
फॉर्म में लौटे अभिषेक शर्मा तो युवराज सिंह ने दिया बड़ा बयान, टी20 वर्ल्ड कप में गर्माया माहौल
फॉर्म में लौटे अभिषेक शर्मा तो युवराज सिंह ने दिया बड़ा बयान, टी20 वर्ल्ड कप में गर्माया माहौल
ट्रंप को टैरिफ पर झटका लगने के बाद अचानक दिल्ली पहुंचे अमेरिकी सेक्रेट्री, क्यों दौड़े-दौड़े आए
ट्रंप को टैरिफ पर झटका लगने के बाद अचानक दिल्ली पहुंचे अमेरिकी सेक्रेट्री, क्यों दौड़े-दौड़े आए
जामिया मिलिया इस्लामिया में नया बीटेक कोर्स, इस तरह मिलेगा एडमिशन
जामिया मिलिया इस्लामिया में नया बीटेक कोर्स, इस तरह मिलेगा एडमिशन
Drinking Alcohol Once A Week: हफ्ते में एक बार पीना सुरक्षित है या सिर्फ एक भ्रम? जानें एक्सपर्ट्स की असली राय
हफ्ते में एक बार पीना सुरक्षित है या सिर्फ एक भ्रम? जानें एक्सपर्ट्स की असली राय
Embed widget