बिना इस्तेमाल के भी बढ़ रहा है बिजली बिल! जानिए क्या है 1-Watt Rule और कैसे बचा सकता है हर महीने पैसे
What is 1-Watt Rule: बिजली की बर्बादी को रोकने के लिए 1998 में एक वैश्विक पहल शुरू की गई थी. हालांकि बाद में इसे वन-वॉट इनिशिएटिव के नाम से जाना गया था.

- अप्रयुक्त डिवाइस अनप्लग कर घर में बिजली बचाएं।
What is 1-Watt Rule: टेक्नोलॉजी के साथ-साथ अब घरों में लोगों के एडवांस डिवाइस पहुंच चुके हैं. पहले घरों में नॉर्मल इलेक्ट्रॉनिक सामान मौजूद होते थे. लेकिन अब ज्यादातर घरों में स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मौजूद हैं जो घर में लोगों के कामों का काफी हद तक आसान बना देते हैं. लेकिन कई बार देखा गया है कि डिवाइस बंद होने के बाद भी वह बिजली खर्च करता रहता है. इसी को स्टैंडबाय पावर कंजम्प्शन कहा जाता है. इसी समस्या को कम करने के लिए दुनिया भर में वन-वॉट नियम (One-Watt Rule) में लागू किया गया था. आइए जानते हैं कि क्या है ये नियम.
क्या है वन-वॉट नियम और कैसे हुई शुरुआत?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिजली की बर्बादी को रोकने के लिए 1998 में एक वैश्विक पहल शुरू की गई थी. हालांकि बाद में इसे वन-वॉट इनिशिएटिव के नाम से जाना गया था. बता दें कि इस नियम का मकसद यह था कि 2010 तक घर में इस्तेमाल होने वाले सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस स्टैंडबाय मोड में अधिकतम 1 वॉट बिजली ही खर्च करें. बाद में नियम को और सख्त किया गया और डिवाइसों के लिए 0.5 वॉट तक की सीमा तय की गई. इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिला और कई देशों ने अपने-अपने नियमों में शामिल किया.
क्या होता है स्टैंडबाय बिजली?
आपको बता दें कि जब आप अपने घर में टीवी, कंप्यूटर, माइक्रोवेव या और भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को इस्तेमाल करने के बाद बंद कर देते हैं लेकिन सिस्टम बंद होने के बाद भी डिवाइस में बैकग्राउंड में कुछ फीचर्स चालू रहते हैं.
इसी वजह से डिवाइस बंद दिखने के बावजूद भी थोड़ी-बहुत बिजली लगातार खपत करते रहते हैं. यहां तक कि यूएसबी चार्जर और स्मार्ट प्लग भी प्लग में लगे रहने पर बिजली खर्च कर सकते हैं.
यूजर्स के लिए इस नियम का क्या है मतलब?
वन-वॉट नियम का सीधा फायदा यूजर्स को मिलता है. इसके चलते कंपनियों को ऐसे डिवाइस बनाने पड़ते हैं जो बंद होने के बाद काफी कम बिजली खर्च करें. अब आज कल के एडवांस टीवी, होम थिएटर सिस्टम, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पहले की तुलना में कहीं ज्यादा कम बिजली खर्च करने वाले बन चुके हैं. इसीलिए इस नियम का सीधा लाभ घरों में बैठे यूजर्स को मिलता है.
घर में कैसे बचाएं बिजली
अगर आप भी अपने घरों में स्मार्ट डिवाइस इस्तेमाल करने के बाद भी बिजली की बचत करना चाहते हैं तो कुछ जरूरी चीजों का ध्यान रखना जरूरी है.
जिन मशीनों का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होना है उन्हें प्लग से निकाल दें. इसके अलावा रात में टीवी, गेमिंग कंसोल और एक्सट्रा चार्जर को अनप्लग करके रखें. इतना ही नहीं, आज कल नए डिवाइस खरीदने से पहले उन्हें अच्छे से चेक करें कि वह कितनी बिजली खपत करते हैं. कम बिजली खपत वाले डिवाइस को ही खरीदना बेहतर होता है.
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