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सोलर पैनल लगवाने से पहले ये बातें जरूर जान लें, नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान

Solar Panel Disadvantages: सोलर पैनल के खूब फायदे हैं और इनकी खूब चर्चा भी होती है, लेकिन इनके कुछ नुकसान भी हैं. पैनल लगवाने से पहले इन्हें जानकर आप नुकसान से बच सकते हैं.

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  • सोलर पैनल केवल धूप में काम करते, रखरखाव भी जरूरी।
  • इनका इंस्टॉलेशन महंगा, लगाने को काफी जगह चाहिए।
  • सोलर बैटरी पर्यावरण को नुकसान, सही निस्तारण बेहद जरूरी।

Solar Panel Disadvantages: जब सोलर एनर्जी की बात आती है तो लोग इसके फायदों को लेकर खूब चर्चा करते हैं. सोलर एनर्जी न सिर्फ बिजली का बिल बचाती है बल्कि यह एनर्जी नीड्स को लेकर इंडिपेंडेंट भी बना सकती है. सोलर पैनल सनलाइट से बिजली जनरेट करते हैं और यह कभी न खत्म होने वाला सिलसिला है. हालांकि, सोलर पैनल के लिए कई नुकसान भी हैं. अगर आप सोलर एनर्जी सिस्टम लगवाने पर विचार कर रहे हैं तो इनके बारे में जानना जरूरी है. इन पर विचार किए बिना आपका बड़ा नुकसान हो सकता है.

हर टाइम काम नहीं करते सोलर पैनल- सोलर पैनल हर समय काम नहीं करते. ये केवल सनलाइट होने पर बिजली जनरेट करते हैं. रात के समय इनकी आउटपुट बिल्कुल जीरो हो जाती है. वहीं बारिश या सर्दियों के महीनों में धूप न निकलने के कारण इनकी आउटपुट कम हो जाती है. अगर आप देश के किसी ऐसे हिस्से में रहते हैं, जहां धूप कम आती है तो आपको सोलर पैनल लगाने पर विचार जरूर करना चाहिए.

सेटअप की लागत है महंगी- सोलर एनर्जी सिस्टम को इंस्टॉल करवाना महंगा सौदा है. साथ ही इस पर किया गया निवेश पूरा होने में कई साल लग सकते हैं. अगर आप ऑफ-ग्रिड सोलर एनर्जी सिस्टम लगवाना चाहते हैं तो बैटरी के कारण इसकी लागत और भी बढ़ जाती है. 

सोलर बैटरी से पर्यावरण को भी नुकसान- सोलर पावर जहां एनर्जी का क्लीन सोर्स है, वहीं एनर्जी स्टोर करने के लिए यूज होने वाली बैटरी पर्यावरण के लिए खतरनाक है. अगर इन्हें ठीक तरीके से डिस्पॉज न किया जाए तो ये पानी और मिट्टी को प्रदूषित कर सकती है, जो इंसानों और पशुओं के लिए काफी हानिकारक हो सकता है.

मेंटिनेंस का रहेगा झंझट- सोलर पैनल इंस्टॉल करने के बाद आप उन्हें लेकर हमेशा के लिए बेफिक्र नहीं हो सकते. इस पूरे एनर्जी सिस्टम को मेंटिनेंस की जरूरत पड़ती है. तेज आंधी-तूफान या बारिश आने के बाद इनका फिजिकल इंस्पेक्शन जरूरी होता है. इसके लिए एफिशिएंसी मैंटेन करने के लिए पैनल को रेगुलर क्लीन करना पड़ता है. कई बार इमरजेंसी में प्रोफेशनल रिपेयरिंग भी करवानी पड़ सकती है.

स्पेस की पड़ेगी जरूरत- सोलर पैनल लगाने के लिए आपको काफी स्पेस की जरूरत पड़ती है. अगर आप छत पर पैनल इंस्टॉल करवाना चाहते हैं तो छत की कंडीशन भी मायने रखती है. इसके अलावा यह भी एनस्योर करना पड़ेगा कि पैनल पर दिन में छांव न आए. छांव आने पर ये काम करना बंद कर देते हैं.

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

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