AI से मदद लेना पड़ सकता है भारी! Senior Citizens भूलकर भी न करें ये गलती, वरना खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
AI Assistant: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में Voice Assistant का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है.

- नकली आवाज़ों से ठगी हो रही है, तुरंत कॉल पर भरोसा करना जोखिम भरा।
AI Assistant: आज के समय में AI तकनीक तेजी से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है. खासकर 2026 में बड़ी संख्या में सीनियर सिटीज़न्स अब AI Assistants का इस्तेमाल कर रहे हैं. दवाइयों का रिमाइंडर लगाना हो, वीडियो कॉल करना हो, खबरें सुननी हों या बैंक बैलेंस चेक करना हो AI आधारित टूल्स बुजुर्गों की जिंदगी को पहले से आसान बना रहे हैं.
Amazon की Alexa, Apple की Siri, Google Assistant और दूसरे AI चैटबॉट्स अब घर-घर में इस्तेमाल हो रहे हैं. लेकिन साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन स्कैम भी तेजी से बढ़ रहे हैं.
क्यों तेजी से बढ़ रहा है AI Assistants का इस्तेमाल?
कई बुजुर्ग अब छोटे-छोटे कामों के लिए AI टूल्स पर निर्भर हो चुके हैं. स्मार्ट स्पीकर्स और स्मार्टफोन्स सिर्फ आवाज सुनकर सवालों के जवाब दे सकते हैं, मौसम बता सकते हैं, ऑनलाइन शॉपिंग में मदद कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी सहायता भी उपलब्ध करा सकते हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में Voice Assistant का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है. इसकी बड़ी वजह यह है कि अब इन डिवाइसेज को इस्तेमाल करना पहले के मुकाबले आसान हो गया है.
सुविधा के साथ सुरक्षा भी जरूरी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI इस्तेमाल करते समय सबसे पहले अकाउंट की सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए. इसके लिए लंबा और मजबूत पासवर्ड रखना बेहद जरूरी है. साथ ही जहां संभव हो, Two-Factor Authentication भी चालू करना चाहिए ताकि कोई दूसरा व्यक्ति आसानी से अकाउंट एक्सेस न कर सके.
इसके अलावा AI Assistants की Privacy Settings भी समय-समय पर जांचनी चाहिए. कई डिवाइसेज लगातार वॉइस कमांड सुनने के लिए एक्टिव रहते हैं जिससे गलती से निजी बातचीत भी रिकॉर्ड हो सकती है. इसी वजह से पुराने Voice Recordings को समय-समय पर डिलीट करना और माइक्रोफोन परमिशन सीमित रखना बेहतर माना जाता है.
बैंकिंग जानकारी जोड़ते समय रहें बेहद सावधान
विशेषज्ञों की सबसे बड़ी सलाह यही है कि AI Assistants को सीधे बैंकिंग ऐप्स, पेमेंट वॉलेट्स या संवेदनशील ईमेल अकाउंट्स से लिंक करने से बचना चाहिए. अगर किसी वजह से ऐसा करना जरूरी हो तो पहले उसकी सुरक्षा सेटिंग्स और प्राइवेसी पॉलिसी जरूर जांचनी चाहिए. छोटी सी लापरवाही बैंक खाते और निजी डेटा दोनों को खतरे में डाल सकती है.
2026 में बढ़ गए हैं AI Scams
अब साइबर अपराधी AI की मदद से लोगों को ठगने के नए तरीके अपना रहे हैं. कई मामलों में ठग परिवार के सदस्य की नकली आवाज बनाकर इमरजेंसी कॉल करते हैं और पैसों की मांग करते हैं. ऐसे में सबसे जरूरी नियम यह माना जा रहा है कि किसी भी घबराहट वाले कॉल पर तुरंत भरोसा न करें. पहले फोन काटें और उस व्यक्ति को उसके सेव नंबर पर दोबारा कॉल करके पुष्टि करें. कई परिवार अब सुरक्षा के लिए Safe Word भी तय कर रहे हैं जिसे सिर्फ परिवार के लोग जानते हैं.
इन छोटी आदतों से रह सकते हैं सुरक्षित
फोन और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखना, पब्लिक USB चार्जिंग स्टेशनों से बचना और हर महीने ऐप परमिशन चेक करना डिजिटल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है. इसके अलावा अगर कोई मैसेज, WhatsApp लिंक या ईमेल संदिग्ध लगे तो उस पर क्लिक करने से बचना चाहिए, चाहे वह कितना भी आधिकारिक क्यों न दिखे.
AI Assistants बुजुर्गों की जिंदगी को आसान जरूर बना सकते हैं लेकिन सुरक्षित इस्तेमाल करना आज पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है. थोड़ी सतर्कता और सही डिजिटल आदतें ऑनलाइन ठगी से बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं.
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Source: IOCL

























