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कहीं आपका स्मार्टफोन भी तो नहीं हो चुका है हैक? इन 5 खतरनाक संकेतों से तुरंत पहचानें मालवेयर और मिनटों में करें पूरी तरह साफ

आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है. दिन भर में हम दर्जनों लिंक खोलते हैं, नए-नए ऐप डाउनलोड करते हैं, ईमेल पढ़ते हैं और व्हाट्सऐप पर फाइल्स रिसीव करते हैं.

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  • संदिग्ध ऐप्स हटाकर, एंटीवायरस से स्कैन कर या फैक्ट्री रीसेट से छुटकारा पाएं।

Smartphone Tips: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है. दिन भर में हम दर्जनों लिंक खोलते हैं, नए-नए ऐप डाउनलोड करते हैं, ईमेल पढ़ते हैं और व्हाट्सऐप पर फाइल्स रिसीव करते हैं. ऐसे में अनजाने में ही फोन में मालवेयर का घुस जाना कोई हैरानी की बात नहीं है. अगर आपके साथ ऐसा हो जाए तो खुद को दोष देने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह किसी के भी साथ हो सकता है.

मालवेयर क्या होता है और यह इतना खतरनाक क्यों है?

मालवेयर दरअसल मैलिशस सॉफ्टवेयर का छोटा रूप है जिसे जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के इरादे से बनाया जाता है. इसका मकसद फोन में मौजूद निजी जानकारी चुराना, आपकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना, डेटा को नुकसान पहुंचाना या फिर पूरे डिवाइस को लॉक करके फिरौती मांगना हो सकता है. एक बार एक्टिव होने के बाद यह फोन के अलग-अलग हिस्सों में फैल सकता है और चुपचाप अपना काम करता रहता है.

फोन तक मालवेयर पहुंचता कैसे है?

मालवेयर कई रास्तों से आपके स्मार्टफोन में एंट्री कर सकता है. फर्जी वेबसाइट्स पर जाना, संदिग्ध ईमेल खोलना, अनजान लिंक पर क्लिक करना, पायरेटेड मूवी या गाने डाउनलोड करना और भ्रामक पॉप-अप विज्ञापनों पर टैप करना इसके आम तरीके हैं. कई बार साइबर अपराधी खुद को टेक सपोर्ट बताकर कॉल करते हैं और रिमोट एक्सेस के नाम पर फोन में घुसपैठ कर लेते हैं. जैसे ही उन्हें मौका मिलता है मालवेयर एक्टिव हो जाता है.

मालवेयर के अलग-अलग रूप

हर मालवेयर एक जैसा नहीं होता. कुछ वायरस ऐप्स के जरिए फैलते हैं और फोन को स्लो या क्रैश कर देते हैं. ट्रोजन घोड़े की तरह दिखते हैं यानी असली ऐप जैसा रूप लेकर डेटा चुरा लेते हैं. रैनसमवेयर फोन और फाइल्स को लॉक करके पैसे की मांग करता है. इसके अलावा स्पायवेयर चुपके से आपकी जानकारी इकट्ठा करता है, एडवेयर बेवजह विज्ञापन दिखाता है और स्केयरवेयर डर पैदा कर आपको गलत ऐप इंस्टॉल करने पर मजबूर करता है.

Android और iPhone: क्या कोई भी पूरी तरह सुरक्षित है?

अक्सर माना जाता है कि iPhone ज्यादा सुरक्षित होता है जबकि Android जल्दी संक्रमित हो जाता है. हकीकत यह है कि Android का ओपन सिस्टम उसे थोड़ा ज्यादा जोखिम में डालता है, हालांकि Google ने Play Store की सुरक्षा काफी मजबूत की है. वहीं Apple का सिस्टम बंद होने के बावजूद पूरी तरह अजेय नहीं है. हाल के वर्षों में iPhone यूजर्स भी हैकर्स के निशाने पर रहे हैं. साफ है कि कोई भी प्लेटफॉर्म 100% सुरक्षित नहीं है सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.

कैसे पहचानें कि फोन में मालवेयर है?

अगर आपका फोन अचानक बहुत स्लो हो गया है, ऐप्स खुलने में समय लग रहा है या इंटरनेट इस्तेमाल करना भारी पड़ रहा है तो यह खतरे का संकेत हो सकता है. बिना वजह पॉप-अप विज्ञापनों का आना, बैटरी का तेजी से खत्म होना और अपने आप नए ऐप्स का दिखने लगना भी मालवेयर की ओर इशारा करता है. इसके अलावा अनजान नंबरों से मैसेज आना, डेटा का असामान्य इस्तेमाल और बिना आपकी जानकारी के लेनदेन होना भी गंभीर चेतावनी हैं.

मालवेयर से तुरंत कैसे छुटकारा पाएं?

अगर आपको जरा भी शक हो कि फोन संक्रमित है, तो सबसे पहले इंटरनेट और ब्लूटूथ बंद कर दें, ताकि नुकसान आगे न बढ़े. Android यूजर्स सेफ मोड में जाकर संदिग्ध ऐप्स हटाने की कोशिश कर सकते हैं जबकि iPhone में लॉकडाउन मोड मददगार साबित हो सकता है. भरोसेमंद एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल करके पूरा स्कैन कराना भी जरूरी है. अगर समस्या फिर भी खत्म न हो, तो आखिरी विकल्प फैक्ट्री रीसेट होता है जिससे फोन पूरी तरह साफ हो जाता है.

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