खराब क्वालिटी वाले स्क्रीन गार्ड पर सरकार का बड़ा फैसला, जानिए यूजर्स के लिए क्या बदलेगा
खराब क्वालिटी वाले स्क्रीन गार्ड पर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब स्क्रीन प्रोटेक्टर BIS नियमों के दायरे में आएंगे. जानिए नए नियम से मोबाइल यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा.

अब आपके स्मार्ट फोन का स्क्रीन गार्ड होगा आईएसआई प्रमाणित. सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर स्क्रीन प्रोटेक्टर को उन उत्पादों की श्रेणी में डाला जिन्हें ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स के सर्टिफिकेट लेना ज़रूरी है. मोबाइल खरीदने के बाद ज्यादातर लोग सबसे पहले उस पर स्क्रीन गार्ड या टेम्पर्ड ग्लास लगवाते हैं. वजह साफ है मोबाइल गिर जाए तो स्क्रीन टूटने से बच जाए और रोजाना इस्तेमाल में स्क्रीन पर खरोंच न आए लेकिन अब इसी स्क्रीन गार्ड को लेकर सरकार ने नया नियम बनाया है
सरकार ने तय किया है कि स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए BIS यानी भारतीय मानक ब्यूरो का पंजीकरण जरूरी होगा यानी आने वाले समय में बाजार में बिकने वाले स्क्रीन गार्ड को भी तय क्वालिटी मानकों का पालन करना होगा.
आखिर सरकार को स्क्रीन गार्ड पर नियम बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?
बाजार में आपको 20-30 रुपये से लेकर कई सौ रुपये तक के स्क्रीन गार्ड मिल जाते हैं. देखने में कई प्रोडक्ट एक जैसे लगते हैं लेकिन उनकी क्वालिटी अलग-अलग हो सकती है. कुछ स्क्रीन गार्ड आसानी से टूट जाते हैं, कुछ जल्दी खरोंच पकड़ लेते हैं और कुछ मोबाइल की स्क्रीन पर ठीक से फिट भी नहीं होते. ऐसे में सरकार अब इस प्रोडक्ट के लिए भी एक तय गुणवत्ता मानक लागू कर रही है.

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क्या होगा नया नियम?
अब स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य पंजीकरण वाली चीजों की लिस्ट में शामिल किया गया है. स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए IS 19348:2025 मानक तय किया गया है. इसका नाम ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर स्पेसिफिकेशन है. यह नियम अभी लागू नहीं होगा. सरकार ने इसे 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का फैसला किया है. यानी कंपनियों और निर्माताओं के पास नए मानक के हिसाब से अपने प्रोडक्ट तैयार करने का समय है. इसके बाद स्क्रीन गार्ड बनाने और बेचने वाली कंपनियों को तय नियमों का पालन करना होगा.
आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?
आपके लिए सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि स्क्रीन गार्ड खरीदते समय क्वालिटी को लेकर ज्यादा भरोसा मिल सकता है. बाजार में बिकने वाले संबंधित प्रोडक्ट के लिए तय मानक लागू होने से कम गुणवत्ता वाले सामान पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर स्क्रीन गार्ड की कीमत बढ़ जाएगी. असली असर कंपनियों के पालन और बाजार में नियम लागू होने के बाद ही साफ होगा. मोबाइल चार्जर, पावर बैंक और लैपटॉप एडाप्टर जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट पहले से ही BIS के अनिवार्य पंजीकरण के दायरे में हैं. अब मोबाइल का स्क्रीन गार्ड भी इसी सूची में शामिल हो गया है.
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